45 साल की उम्र में बने झारखंड के सबसे युवा महाधिवक्ता, रोहितश्य रॉय ने संभाला पदभार
रांची: झारखंड के कानूनी और न्यायिक गलियारों में सोमवार का दिन एक महत्वपूर्ण बदलाव का साक्षी बना। झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने राज्य के नए महाधिवक्ता (Advocate General) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। महाधिवक्ता पद संभालने के साथ ही उन्होंने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया है। करीब 45 वर्ष की उम्र में वे झारखंड के अब तक के सबसे युवा महाधिवक्ता बन गए हैं।
रविवार को राज्य सरकार ने उन्हें झारखंड का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया था। यह नियुक्ति निवर्तमान महाधिवक्ता राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद की गई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधि विभाग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी।
रविवार को राजीव रंजन ने दिया था इस्तीफा
राज्य के महाधिवक्ता रहे राजीव रंजन ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके त्यागपत्र को राज्यपाल ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके तुरंत बाद सरकार ने संवैधानिक पद पर रिक्ति नहीं रहने देते हुए रोहितश्य रॉय की नियुक्ति कर दी। राज्य सरकार के इस त्वरित फैसले को प्रशासनिक और कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं।
संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत नियुक्ति
विधि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल ने यह नियुक्ति की है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि रोहितश्य रॉय अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक झारखंड राज्य के महाधिवक्ता के रूप में कार्य करेंगे।
साधारण वकील से महाधिवक्ता तक का सफर
रोहितश्य रॉय का सफर कई युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा माना जा रहा है। झारखंड हाईकोर्ट में एक सामान्य अधिवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले रोहितश्य रॉय ने अपनी कानूनी दक्षता, मजबूत पैरवी और पेशेवर प्रतिबद्धता के दम पर राज्य के सर्वोच्च विधिक पद तक का सफर तय किया है। कानूनी मामलों की गहरी समझ और अदालत में प्रभावी प्रस्तुति के कारण वे हाईकोर्ट के प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं।
सरकार के मुख्य विधिक सलाहकार होंगे
महाधिवक्ता के रूप में रोहितश्य रॉय अब झारखंड सरकार के मुख्य विधिक सलाहकार की भूमिका निभाएंगे। वे राज्य सरकार से जुड़े मामलों में अदालत में पक्ष रखेंगे और विभिन्न संवैधानिक, प्रशासनिक तथा कानूनी विषयों पर सरकार को सलाह देंगे। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि युवा नेतृत्व और आधुनिक कानूनी दृष्टिकोण के कारण उनके कार्यकाल में राज्य के विधिक मामलों के संचालन में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है।
बधाइयों का दौर शुरू
पदभार ग्रहण करने के बाद झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं, न्यायिक समुदाय और विभिन्न संगठनों की ओर से रोहितश्य रॉय को बधाइयां दी जा रही हैं। कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि उनकी नियुक्ति राज्य के विधिक तंत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।






