hemant
Tulsyan

मईयां सम्मान योजना में बड़ा खेल उजागर! 4 हजार से ज्यादा लाभुकों से होगी वसूली

Maiyan Samman Yojana Verification

जमशेदपुर: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना के सत्यापन अभियान में पूर्वी सिंहभूम जिले से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लाभुकों की पहचान हुई है, जिन्होंने कथित रूप से गलत जानकारी देकर या तथ्य छिपाकर योजना का लाभ लिया। अब जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अब तक 4,068 लाभुकों से योजना के तहत प्राप्त राशि की शत-प्रतिशत वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इन लाभुकों को अपात्र पाए जाने के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

6,974 नाम सूची से हटाए गए
सत्यापन अभियान के दौरान अब तक 6,974 लाभुकों के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें मृत लाभुकों के मामले भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि पात्रता की शर्तों पर खरे नहीं उतरने वाले लाभुकों को योजना से बाहर किया जा रहा है ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंच सके। अधिकारियों के मुताबिक, जिन मामलों में जानबूझकर गलत जानकारी देने की पुष्टि होगी, वहां राशि वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

DAV NANDRAJ

3 लाख से अधिक लाभुकों का हो रहा सत्यापन
पूर्वी सिंहभूम जिले में मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना के तहत कुल 3,07,071 लाभुक पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 2,89,019 लाभुकों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, करीब 90 प्रतिशत लाभुक पात्र पाए गए हैं। हालांकि अभी भी 11,078 लाभुकों का सत्यापन बाकी है। जिला प्रशासन का कहना है कि शेष सत्यापन पूरा होने के बाद लाभुकों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

maa-ram-pyari

सत्यापन के बाद ही मिलेगा भुगतान
जांच के दौरान कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां लाभुकों के बैंक खातों में पिछले कुछ महीनों से योजना की राशि नहीं पहुंची है। लाभुकों को बताया गया है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भुगतान बहाल किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन अभियान का उद्देश्य योजना को पारदर्शी बनाना और अपात्र लाभुकों की पहचान करना है। इससे सरकारी राशि का दुरुपयोग रोका जा सकेगा।

Jaipur

कार्रवाई होगी और तेज
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शेष लाभुकों का सत्यापन पूरा होने के बाद अपात्र पाए गए सभी मामलों में वसूली और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया और तेज की जाएगी। जिला प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से योजना की विश्वसनीयता बढ़ेगी और वास्तविक लाभुकों तक सरकारी सहायता प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *