CCL ने CSR के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट किया रवाना, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
रांची: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत झारखंड के दूरस्थ और वंचित ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। इसी क्रम में सीसीएल द्वारा एक मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) एम्बुलेंस को आज औपचारिक रूप से रवाना किया गया।
मोबाइल मेडिकल यूनिट को सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने वरिष्ठ अधिकारियों, महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों एवं बड़ी संख्या में सीसीएल कर्मियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल खनन क्षेत्रों के आसपास निवास करने वाले समुदायों तक सुलभ, समान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की सीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यह मोबाइल मेडिकल यूनिट अत्याधुनिक जांच एवं परीक्षण सुविधाओं से सुसज्जित है। इसमें स्तन कैंसर की जांच, एक्स-रे एवं आरटी-पीसीआर के माध्यम से क्षय रोग (टीबी) की जांच, डायबिटीज परीक्षण, सीबीसी, हीमोग्लोबिन जांच और ब्लड ग्रुपिंग जैसी महत्वपूर्ण लैब सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सीसीएल की यह मोबाइल मेडिकल यूनिट केबीपी परियोजना क्षेत्र के आसपास के गांवों में अपनी सेवाएं देगी। इसके अंतर्गत बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड और रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड के करीब 20 गांवों को कवर किया जाएगा। यूनिट सप्ताह में छह दिन कार्य करेगी और प्रत्येक गांव में महीने में एक बार जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी।
इस परियोजना का क्रियान्वयन यूनिक वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से किया जा रहा है। यह परियोजना कुल 24 महीनों तक संचालित होगी, जिसके दौरान लगभग 37,000 ग्रामीणों को लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ गंभीर मामलों की पहचान कर त्वरित रेफरल और फॉलो-अप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि सीसीएल स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में प्रभावशाली सीएसआर पहलों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मोबाइल मेडिकल यूनिट “अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति” तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी और ग्रामीण समुदायों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
सीसीएल की यह पहल न केवल ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि समय पर रोगों की पहचान और जागरूकता के माध्यम से झारखंड के खनन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा को भी नया आयाम देगी।






