...

हिमांशु सिंह हत्याकांड: कई घंटे की वार्ता के बाद टूटा गतिरोध, लिखित आश्वासन पर माने परिजन; अंतिम संस्कार का रास्ता साफ

Himanshu Singh Murder Case

जमशेदपुर: डबल डाउन बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में पिछले दो दिनों से चला आ रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया। प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच कई घंटों तक चली मैराथन वार्ता सफल रही। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। इसके साथ ही पूरे मामले में प्रशासन को बड़ी राहत मिली और देर शाम तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई गई।

कई दौर की बातचीत के बाद बनी सहमति
बुधवार को कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार, जमशेदपुर एवं सरायकेला के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक के परिजनों के साथ कई दौर की बातचीत हुई। वार्ता के दौरान परिजनों ने दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई, मृतक के परिवार की सुरक्षा और सरकारी सहायता सहित कई मांगें प्रशासन के सामने रखीं। घंटों चली बातचीत के बाद प्रशासन ने सभी प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन अपना विरोध समाप्त करने पर राजी हो गए।

प्रशासन ने लिखित में दिया भरोसा
प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन में कहा गया है कि—

  • मृतक हिमांशु सिंह की पत्नी ऋचा सिंह को उनकी योग्यता के अनुरूप सरकारी नौकरी के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी।
  • घटना के समय मौके पर मौजूद संबंधित पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों के खिलाफ निलंबन के साथ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
  • हत्या के आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
  • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इन आश्वासनों के बाद परिजन टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) से शव लेने के लिए रवाना हुए और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी।

Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

क्या था पूरा मामला?
शनिवार रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन बार में हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष की कुछ युवकों के साथ कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर दोनों युवक अपनी जान बचाने के लिए पुलिस की पीसीआर वाहन में जाकर बैठ गए। आरोप है कि इसके बावजूद हमलावरों ने पुलिस की मौजूदगी में दोनों युवकों पर चाकुओं से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की सोमवार को इलाज के दौरान TMH में मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष का इलाज अभी भी कोलकाता में जारी है।

resizone elanza

मौत के बाद सड़कों पर उतरा जनाक्रोश
हिमांशु सिंह की मौत के बाद पूरे जमशेदपुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सिटी एसपी के सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई। घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

मुख्यमंत्री ने दिखाई सख्ती
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल सख्त कदम उठाए। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निलंबित कर दिया। इसके अलावा बिष्टुपुर थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने स्वयं मृतक के परिजनों से फोन पर बातचीत कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया और कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा
प्रशासन ने परिजनों को आश्वस्त किया कि हत्या की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से की जाएगी। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर दोषियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि उन्हें जल्द से जल्द कानून के तहत सजा मिल सके।

हिमांशु सिंह हत्याकांड में प्रशासन और परिजनों के बीच चला गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। कई घंटे चली वार्ता के बाद लिखित आश्वासन मिलने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। प्रशासन ने सरकारी नौकरी की अनुशंसा, दोषी पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *