Himanshu Singh Murder: जोनल आईजी मनोज कौशिक ने संभाली जांच, घटनास्थल का किया निरीक्षण
थाना प्रभारी सस्पेंड, डबल डाउन बार सील
जमशेदपुर: करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के बाद पूरे जमशेदपुर में आक्रोश का माहौल है। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को जोनल आईजी मनोज कौशिक स्वयं जमशेदपुर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। दूसरी ओर, कार्रवाई करते हुए एसएसपी पीयूष पांडे ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके अलावा दो एएसआई और एक आरक्षी को भी सस्पेंड किया गया है। वहीं बर्मामाइंस थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जोनल आईजी ने ली हाई लेवल समीक्षा बैठक
जोनल आईजी मनोज कौशिक ने जमशेदपुर पहुंचते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में एएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने अब तक की जांच, आरोपियों की पहचान, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और पुलिस की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। आईजी ने अधिकारियों से घटना के समय पुलिस की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और वारदात के दौरान हुई परिस्थितियों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित होनी चाहिए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटनास्थल का किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद आईजी मनोज कौशिक सीधे बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार पहुंचे, जहां यह हत्या हुई थी। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से पूरी घटना की जानकारी ली। आईजी ने यह भी पूछा कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावर वारदात को कैसे अंजाम देने में सफल हुए। उन्होंने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की प्रतिक्रिया और संभावित चूक के संबंध में अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की मौजूदगी में हुई थी हत्या
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार में दो गुटों के बीच पहले विवाद और मारपीट हुई। बाद में विवाद बार के बाहर पहुंच गया, जहां पुलिस भी मौजूद थी। इसी दौरान करणी सेना युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्यूष पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष अभी भी गंभीर हालत में इलाजरत हैं। इस घटना के बाद पूरे शहर में तनाव फैल गया और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे।
थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए एसएसपी पीयूष पांडे ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की। निलंबित किए गए अधिकारियों में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे, दो सहायक अवर निरीक्षक (ASI), और एक आरक्षी शामिल हैं. पुलिस विभाग ने नए थाना प्रभारी के रूप में निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
डबल डाउन बार पर भी प्रशासन की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने घटना के बाद डबल डाउन बार को सील कर दिया है। मंगलवार को उत्पाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बार को बंद कर सील कर दिया। उपायुक्त राजीव रंजन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि बार में सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार
हिमांशु सिंह के परिजनों और करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने अभी तक शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया है। शव फिलहाल टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में रखा गया है। परिजन मांग कर रहे हैं कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, सभी हमलावरों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं करणी सेना ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है।
सोमवार रात जमकर हुआ प्रदर्शन
हत्याकांड के विरोध में सोमवार रात बिष्टुपुर में लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने सिटी एसपी के वाहन और एक पेट्रोलिंग वाहन में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच
जोनल आईजी ने जांच टीम को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर की जाए। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
जमशेदपुर के हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस वारदात के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित, डबल डाउन बार को सील और अब जोनल आईजी मनोज कौशिक को जांच की निगरानी के लिए मैदान में उतार दिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी, जबकि प्रशासन ने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का भरोसा दिलाया है।






