25 वर्षों का सुनहरा सफर: अदाणी पब्लिक स्कूल मुंद्रा ने शिक्षा और नवाचार की लिखी नई इबारत

Adani Public School Mundra

उत्साह, गर्व और भावनाओं से भरा सिल्वर जुबली समारोह

डॉ. प्रीति अदाणी ने दी आधुनिक सुविधाओं की सौगात

मुंद्रा/कच्छ: अदाणी पब्लिक स्कूल मुंद्रा ने अपने 25 वर्षों के गौरवशाली सफर को एक भव्य और भावनात्मक समारोह के साथ मनाया। यह अवसर केवल एक शैक्षणिक संस्थान के स्थापना दिवस का जश्न नहीं था, बल्कि उन अनगिनत सपनों, संघर्षों और उपलब्धियों का उत्सव था, जिन्होंने इस विद्यालय को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। कार्यक्रम में छात्र, पूर्व छात्र, अभिभावक और शिक्षक—सभी पीढ़ियां एक मंच पर एकजुट नजर आईं, जो इस संस्थान की मजबूत नींव और सामूहिक विश्वास को दर्शाता है।

डॉ. प्रीति अदाणी का विज़न: शिक्षा के साथ समग्र विकास
इस ऐतिहासिक अवसर का नेतृत्व डॉ. प्रीति अदाणी ने किया, जिनका शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और विज़न इस संस्थान की सफलता की आधारशिला रहा है। उन्होंने छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए एक अत्याधुनिक इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 558 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया। इन सुविधाओं का उद्देश्य केवल खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व को बहुआयामी रूप से विकसित करना है।

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एक छोटे विचार से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
साल 2001 में शुरू हुई यह पहल आज एक मजबूत और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुकी है। अदाणी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह स्कूल कच्छ जैसे क्षेत्र में शिक्षा का प्रकाशस्तंभ बनकर उभरा है। गुजरात भूकंप के बाद जिस संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ इस स्कूल को विकसित किया गया, वह इसे केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि आशा और पुनर्निर्माण का प्रतीक बनाता है।

गौतम अदाणी का संदेश: सपनों को पंख देने वाला संस्थान
गौतम अदाणी ने इस अवसर पर कहा कि यह जश्न केवल वर्षों की गिनती नहीं, बल्कि उन सपनों और संभावनाओं का सम्मान है जो इस संस्थान में विकसित हुई हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे यहां से आत्मविश्वास, संघर्ष की शक्ति और समाज के प्रति जिम्मेदारी लेकर आगे बढ़ें—यही इस संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

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शिक्षा के साथ नवाचार और रचनात्मकता का संगम
समारोह के दौरान STEM और रोबोटिक्स प्रदर्शनों ने छात्रों की वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता को उजागर किया। कला, संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों ने यह दिखाया कि यह संस्थान केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति को भी समान महत्व देता है। एनसीसी कैडेट्स और पारंपरिक स्वागत ने आयोजन में अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव का अनूठा समावेश किया।

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आधुनिक सुविधाएं: भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा
नए इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बैडमिंटन, पिकलबॉल और टेबल टेनिस जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, अत्याधुनिक ऑडिटोरियम छात्रों को सांस्कृतिक, शैक्षणिक और नवाचार कार्यक्रमों के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि विद्यालय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा का ढांचा तैयार कर रहा है।

233 छात्रों से 2300 तक का प्रेरणादायी विस्तार
इस विद्यालय की शुरुआत केवल 233 छात्रों और 27 शिक्षकों के साथ हुई थी। आज यह संस्थान 2300 से अधिक छात्रों और 100 से ज्यादा शिक्षकों के साथ एक मजबूत शैक्षणिक परिवार बन चुका है। यह वृद्धि केवल संख्या में नहीं, बल्कि गुणवत्ता, मूल्यों और शिक्षण पद्धति में भी देखने को मिलती है।

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शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन
अदाणी स्कूल्स देशभर में दर्जनों स्कूलों के माध्यम से शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण और कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में यह नेटवर्क बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों और कौशल विकास के अवसर प्रदान कर रहा है। यह पहल केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक सशक्त कदम है।

अदाणी फाउंडेशन की व्यापक भूमिका
सन् 1996 से अदाणी फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। देश के 22 राज्यों में फैले 7000 से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों में यह संस्था करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। इसका उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि स्थायी और समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना है।

शिक्षा से सशक्त भविष्य की ओर
अदाणी पब्लिक स्कूल मुंद्रा की 25 वर्षों की यात्रा यह दर्शाती है कि जब शिक्षा के साथ उद्देश्य, समर्पण और नवाचार जुड़ते हैं, तो वह केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि समाज निर्माण का आधार बन जाती है। यह सिल्वर जुबली केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक नई दिशा और प्रेरणा का स्रोत है।

यह संस्थान आने वाली पीढ़ियों को न केवल शिक्षित करेगा, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, सक्षम और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करता रहेगा।

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