NEET Re-Exam 2026: पेपर लीक के बाद NTA का बड़ा फैसला, ‘लॉकडाउन’ में रहेंगे पेपर बनाने वाले
21 जून तक बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे रहेंगे एक्सपर्ट्स, 22 लाख छात्रों के भविष्य की सुरक्षा पर फोकस
नई दिल्ली: NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। 21 जून को आयोजित होने वाले NEET UG Re-Exam 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एजेंसी ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेटर्स और ट्रांसलेटर्स को विशेष ‘लॉकडाउन’ व्यवस्था के तहत एक सुरक्षित और गोपनीय स्थान पर रखा गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन विशेषज्ञों को परीक्षा समाप्त होने तक बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। उन्हें मोबाइल फोन, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टवॉच या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
पेपर लीक के बाद NTA का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
3 मई को आयोजित NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA और शिक्षा मंत्रालय पर परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने का भारी दबाव है। इसी को देखते हुए एजेंसी ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया है। बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन करने और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने वाले सभी विशेषज्ञों को एक अत्यंत सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उनका बाहरी लोगों से कोई संपर्क नहीं होगा। इस दौरान उन्हें किसी भी डिजिटल नेटवर्क या संचार माध्यम तक पहुंच नहीं मिलेगी।
22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य का सवाल
NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इस वर्ष री-एग्जाम में 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है। ऐसे में NTA किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना चाहती है। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सुरक्षा के मानक काफी सख्त किए गए हैं।
मोबाइल, इंटरनेट और गैजेट्स पर पूरी तरह रोक
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पेपर तैयार करने वाली टीम को न केवल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, बल्कि उनके लिए कई सख्त नियम भी लागू किए गए हैं।
- मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं
- इंटरनेट और वाई-फाई सुविधा पूरी तरह बंद
- स्मार्टवॉच, टैबलेट और लैपटॉप पर प्रतिबंध
- बाहरी व्यक्तियों से संपर्क पूरी तरह निषिद्ध
- निर्धारित समय तक सुरक्षित परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं
मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू
सूत्रों के अनुसार, NTA ने इस बार परीक्षा सुरक्षा के लिए मल्टी-टियर सिक्योरिटी मॉडल तैयार किया है। लॉकडाउन व्यवस्था इसके पहले चरण का हिस्सा है। इसके अलावा प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। शिक्षा मंत्रालय और NTA का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार का सवाल न उठे और छात्रों का विश्वास बहाल हो सके।
परीक्षा पर पूरे देश की नजर
NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर देशभर के छात्र और अभिभावक काफी गंभीर हैं। पिछले विवादों के बाद यह परीक्षा NTA की साख के लिए भी अहम मानी जा रही है। ऐसे में एजेंसी की यह नई रणनीति परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।






