जमीन रजिस्ट्री के बाद खुद होगा म्यूटेशन

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झारभूमि सॉफ्टवेयर अपग्रेड से रैयतों को बड़ी राहत

Ranchi : झारखंड में जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब जमीन की रजिस्ट्री होते ही दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। रैयतों को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग झारभूमि सॉफ्टवेयर को अपग्रेड कर रहा है, जिसके बाद म्यूटेशन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और स्वचालित हो जाएगी।

कैसे काम करेगी नई व्यवस्था
भूमि सुधार उप समाहर्ता प्यारेलाल के अनुसार, रजिस्ट्री के साथ ही राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली (NGDRS) के माध्यम से संबंधित सभी दस्तावेज स्वतः अंचलाधिकारी (CO) के लॉगइन में उपलब्ध हो जाएंगे।

अभी की व्यवस्था में जमीन खरीदने के बाद लोग दोबारा म्यूटेशन के लिए आवेदन कर देते हैं, जिससे डुप्लीकेट आवेदन की समस्या आती है। इससे फाइलों की जांच में समय बर्बाद होता है, अनावश्यक रिजेक्शन बढ़ते हैं नई व्यवस्था इस समस्या को खत्म करेगी।

दोबारा आवेदन की कोशिश होगी फेल
सॉफ्टवेयर अपग्रेड होने के बाद यदि कोई प्रज्ञा केंद्र या साइबर कैफे से म्यूटेशन के लिए आवेदन करने की कोशिश करेगा, तो
मौजा, प्लॉट या खाता नंबर डालने के बाद भी आवेदन स्वीकार नहीं होगा।

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रिजेक्ट होने पर अपील अनिवार्य
यदि म्यूटेशन का मामला CO द्वारा रिजेक्ट होता है, तो अब रैयत दोबारा आवेदन नहीं कर सकेंगे। उन्हें डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) के पास अपील करनी होगी। डीसीएलआर की स्वीकृति के बाद ही CO म्यूटेशन करेंगे।

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फायदा: CO मनमाने तरीके से रिजेक्ट नहीं कर सकेंगे जमीन खरीदारों को अधिक सुरक्षा मिलेगी

2008 से पहले के डीड पर रोक
नई व्यवस्था में 2008 से पहले के डीड के आधार पर ऑनलाइन म्यूटेशन आवेदन की सुविधा नहीं होगी। ऐसे मामलों में विभागीय पूर्व स्वीकृति जरूरी होगी।

फायदा: पुराने दस्तावेजों के आधार पर फर्जी खरीद-बिक्री पर रोक, सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशों में कमी, पड़ोसी रैयत कर सकेंगे ऑनलाइन आपत्ति अब संबंधित जमीन के पड़ोसी रैयत भी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। वे बता सकेंगे कि दस्तावेज में त्रुटि है, जमीन विवादित है पहले यह अधिकार केवल हल्का कर्मचारी के पास था।

फायदा: पारदर्शिता बढ़ेगी, गलत म्यूटेशन रुकेंगे।

CO को मिलेगी त्रुटि सुधार की शक्ति
अभी NGDRS से आए दस्तावेजों में गलती सुधारने का विकल्प नहीं है। अपग्रेडेड सॉफ्टवेयर में CO को त्रुटि सुधार का अधिकार मिलेगा।

फायदा: तकनीकी गलतियों से आवेदन रिजेक्ट नहीं होंगे, प्रक्रिया तेज और आसान होगी ।

कब लागू होगी नई व्यवस्था
विभाग के अनुसार, यह नई प्रणाली अगले 2–3 महीनों में लागू होने की संभावना है।

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