ब्राउन शुगर तस्करी पर पाकुड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हाजीबुल शेख गिरफ्तार
Hajibul Sheikhकई बार जेल जा चुका है आरोपी, NDPS एक्ट में पहले भी हो चुका है दोषी साबित
पुलिस ने नकद राशि और मोबाइल के साथ किया जब्ती
पाकुड़: जिले में नशे के खिलाफ जारी मुहिम को एक और बड़ी सफलता मिली है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डीएन आजाद के नेतृत्व में पाकुड़ पुलिस की विशेष टीम ने काकसबेना पुल के पास से एक कुख्यात ब्राउन शुगर तस्कर हाजीबुल शेख को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से 22 ग्राम ब्राउन शुगर, 6740 रुपए नकद, और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। इस कार्रवाई को NDPS एक्ट की धारा 21(b)/22 के तहत दर्ज कांड संख्या 172/2025 में शामिल किया गया है।
पुलिस की पेशेवर रणनीति से सफलता
गोपनीय सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी संजय कुमार झा के नेतृत्व में गठित टीम ने इस अभियान को बेहद पेशेवर ढंग से अंजाम दिया। टीम में अनंत राम, मिथुन रजक, सुभाष साह, सुदामा साह समेत अन्य सशस्त्र बल के जवान शामिल थे, जिन्होंने चुपचाप इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हाजीबुल शेख इससे पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहा है। वर्ष 2019 में उस पर NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था, और वह उस मामले में न्यायिक हिरासत में भी रह चुका है। कोर्ट द्वारा उसे दोषी भी करार दिया गया था।
तस्करी का नेटवर्क और पुलिस की सख्ती
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हाजीबुल शेख किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, या वह स्थानीय स्तर पर ही यह अवैध कारोबार कर रहा था। मोबाइल फोन को जब्त कर तकनीकी विश्लेषण के लिए भेजा गया है ताकि उसके संपर्कों और नेटवर्क की तह तक पहुँचा जा सके।
एसडीपीओ डीएन आजाद ने साफ शब्दों में कहा कि,
हम किसी भी सूरत में नशे के कारोबार को जिले में फलने-फूलने नहीं देंगे। यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और कोई भी नशे का सौदागर अब बच नहीं पाएगा।
कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
हाजीबुल शेख पर एनडीपीएस एक्ट की कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजेगी और आगे रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है। पूछताछ के दौरान इस बात की भी जांच की जाएगी कि वह किन-किन लोगों को ब्राउन शुगर सप्लाई करता था।
पुलिस का संदेश: नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस
पाकुड़ पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह नशे के कारोबार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। विशेष टीमों का गठन कर लगातार संदिग्ध इलाकों में छापेमारी जारी है। एसपी और एसडीपीओ खुद पूरे अभियान की मानिटरिंग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह की सख्ती से युवा वर्ग को नशे के दलदल में जाने से रोका जा सकता है।
पाकुड़ पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि झारखंड अब नशे के कारोबारियों की शरणस्थली नहीं रहा। हर गिरफ्तारी सिर्फ एक तस्कर की नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क पर प्रहार है। अब देखना है कि आगे कौन-कौन से नाम इस तस्करी के जाल से बाहर निकलते हैं।






