पलामू में छात्रा की मौत का मामला: दो दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
दो दिन बाद कब्र से निकाला गया छात्रा का शव
पलामू: झारखंड के पलामू जिला में बीए की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के दो दिन शव को कब्र से बाहर निकाला गया। यह कार्रवाई पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के होटवार गांव स्थित कब्रिस्तान में की गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने बिना किसी पुलिस सूचना के शव को दफना दिया था। इस दौरान किसी भी तरह की कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
दंडाधिकारी की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
मामले में पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए बुधवार को दंडाधिकारी की उपस्थिति में छात्रा का शव कब्र से बाहर निकाला। प्रशासन ने पूरे प्रकरण को वीडियोग्राफी के साथ अंजाम दिया ताकि जांच के दौरान कोई कानूनी खामी न रहे। शव को निकालने के बाद पुलिस ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमएमसीएच) पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस मामले में एक युवक के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि युवक ने छात्रा पर आत्महत्या का दबाव बनाया था। थाना प्रभारी सुबोध कुमार ने बताया कि फिलहाल मामला आत्महत्या के एंगल से दर्ज किया गया है। अन्य बिंदुओं पर जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे बढ़ाई जाएगी।
ग्रामीणों ने दी थी पुलिस को सूचना
यह पूरा मामला तब सामने आया जब ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि गांव में एक लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है और परिवार ने बिना सूचना शव को दफना दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
आत्महत्या या हत्या, जांच में होगा खुलासा
थाना प्रभारी सुबोध कुमार के मुताबिक, “लड़की की मौत आत्महत्या है या हत्या, यह स्पष्ट रूप से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कहा जा सकेगा। अभी जांच कई बिंदुओं पर चल रही है। एफआईआर पुलिस अधिकारी के बयान पर दर्ज की गई है।”
ग्रामीणों में आक्रोश और प्रशासन की सख्ती
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा की मौत की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। यह मामला न केवल एक संदिग्ध मौत का है बल्कि ग्रामीण स्तर पर कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी को भी उजागर करता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस घटना की सच्चाई सामने आ सकेगी।





