रांची समेत 4 जिलों में नक्सली हिंसा पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा, गृह विभाग ने जारी किया आदेश
झारखंड: झारखंड गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नक्सली हिंसा के शिकार हुए नागरिकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए रांची, लातेहार, गिरिडीह और गुमला जिले के पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि देने की मंजूरी दी है। इस आदेश के तहत संबंधित जिलों के उपायुक्तों को जिला कोषागार से मुआवजा राशि निकालकर पीड़ितों के आश्रितों को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
किन जिलों को मिला मुआवजे का लाभ
मुआवजा पाने वाले परिवार चार जिलों से संबंधित हैं — रांची, लातेहार, गिरिडीह और गुमला। इन जिलों में नक्सली हिंसा की घटनाओं में मारे गए लोगों के आश्रितों को सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- लातेहार
- वर्ष 2004 में नक्सली हिंसा में मारे गए दिलीप प्रसाद के बेटे सुमित कुमार को ₹50,000 का मुआवजा दिया जाएगा।
- रांची
- साल 2007 में नक्सली हिंसा में मारे गए महिपाल साहू की मां तीर्थमुनि देवी को ₹1 लाख की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है।
- गिरिडीह
- वर्ष 2018 में नक्सली हमले में मारे गए सेवा महतो की पत्नी सुमरी देवी को ₹1 लाख रुपये दिए जाएंगे।
- गुमला
- साल 2007 में नक्सली हिंसा में मारे गए अशोक सिंह की पत्नी लक्ष्मीण देवी को भी ₹1 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकार की पहल
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की यह पहल राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है। इससे न केवल परिजनों को राहत मिलेगी, बल्कि इन इलाकों में सरकारी पहुंच और भरोसे को भी मजबूती मिलेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के कई जिलों में नक्सली घटनाओं में अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन परिवारों को लंबे समय से न्याय और सहायता की प्रतीक्षा थी।
डीसी को जारी किया गया विशेष निर्देश
गृह विभाग ने चारों जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि मुआवजा राशि जिला कोषागार से निकालकर लाभुकों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो। इसके अलावा जिला प्रशासन को लाभुक परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास संबंधी योजनाओं में प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के लिए राहत
यह मुआवजा न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि उन परिवारों के लिए भावनात्मक संबल भी है जिन्होंने नक्सली हिंसा में अपने परिजन खोए हैं। सरकार का मानना है कि इस तरह के कदम से प्रभावित इलाकों में शांति और विकास की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
नक्सली हिंसा से जूझता रहा है झारखंड
झारखंड नक्सली हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में गिना जाता है। खासकर लातेहार, गुमला, रांची और गिरिडीह जिले लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। इन इलाकों में सुरक्षा बलों का विशेष ऑपरेशन भी लगातार जारी रहता है। सरकार का कहना है कि नक्सली गतिविधियों पर काबू पाने के लिए एक ओर सुरक्षा बल सक्रिय हैं, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवारों को सहयोग देकर सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।





