इंडिगो की उड़ान सेवाएं पटरी पर लौटने का दावा, 137 डेस्टिनेशन पर फिर शुरू हुआ परिचालन

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नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो की उड़ान सेवाएं अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही हैं। बीते कई दिनों से लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब एयरलाइन ने दावा किया है कि हालात में बड़ा सुधार हुआ है। इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने रविवार को कहा कि कंपनी की उड़ान सेवाएं पटरी पर लौट रही हैं और लगभग सभी गंतव्यों पर परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है।

पीटर एल्बर्स के मुताबिक इंडिगो के कुल 138 डेस्टिनेशन में से 137 पर उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं। केवल एक रूट पर परिचालन अभी प्रभावित है, जिसे भी जल्द बहाल करने की योजना है।

रविवार को 1,650 फ्लाइट्स का संचालन
इंडिगो ने रविवार को करीब 1,650 उड़ानों का संचालन किया, जो बीते कुछ दिनों की तुलना में काफी अधिक है। बीते सप्ताह इंडिगो को क्रू-रोस्टरिंग नियमों, सीमित स्टाफ और सिस्टम से जुड़ी दिक्कतों के कारण सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी थीं। इससे देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद—पर अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया था।

हालांकि रविवार को फ्लाइट्स की संख्या बढ़ने से यात्रियों को कुछ राहत जरूर मिली है। एयरलाइन का कहना है कि परिचालन को स्थिर करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए हैं और शेड्यूल को चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जा रहा है।

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ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार
इंडिगो के लिए राहत भरी बात यह भी रही कि उसकी ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। पीटर एल्बर्स के अनुसार, रविवार को इंडिगो का OTP 75 प्रतिशत रहा, जबकि शनिवार को यह आंकड़ा 30 प्रतिशत से भी कम था।

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एविएशन सेक्टर में OTP को परिचालन की सेहत का अहम पैमाना माना जाता है। ऐसे में OTP में आई यह बढ़ोतरी संकेत देती है कि एयरलाइन धीरे-धीरे अपने शेड्यूल पर नियंत्रण हासिल कर रही है।

बीते दिनों DGCA की सख्ती झेल चुकी है इंडिगो
गौरतलब है कि फ्लाइट सेवाओं में भारी अव्यवस्था को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) भी इंडिगो के खिलाफ सख्त रुख अपना चुका है। DGCA ने हाल ही में इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा था।

रेगुलेटर ने इस पूरे संकट को ऑपरेशनल फेलियर, प्लानिंग की कमी और संसाधन प्रबंधन में चूक का नतीजा बताया था। इसके बाद इंडिगो प्रबंधन पर सेवाएं जल्द से जल्द सुधारने का दबाव और बढ़ गया था।

यात्रियों की नाराजगी, सरकार को करना पड़ा हस्तक्षेप
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के कारण हजारों यात्री फंसे रहे। अंतिम समय में टिकट बुक करने वालों को कई रूट्स पर बेहद ऊंचे किराए चुकाने पड़े। मामला संसद तक पहुंचा, जिसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइनों को किराया सीमा का पालन करने के निर्देश दिए। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइंस को आगे आकर फंसे यात्रियों के लिए राहत उपायों की घोषणा भी करनी पड़ी।

इंडिगो का दावा: हालात आगे और सुधरेंगे
पीटर एल्बर्स ने विश्वास जताया है कि आने वाले दिनों में इंडिगो की सेवाएं और अधिक स्थिर होंगी। कंपनी का कहना है कि क्रू शेड्यूलिंग, तकनीकी सिस्टम और ग्राउंड ऑपरेशंस में सुधार किया गया है ताकि दोबारा इस तरह की स्थिति न बने। हालांकि एविएशन जानकारों का मानना है कि इंडिगो के लिए असली परीक्षा तब होगी जब वह लगातार कई दिनों तक बिना बड़े कैंसिलेशन के परिचालन कर पाएगी।

इंडिगो की ओर से सेवाएं पटरी पर लौटने का दावा राहत भरा जरूर है, लेकिन बीते संकट ने एयरलाइन प्रबंधन और नियामकीय निगरानी पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की नजर इस पर है कि क्या इंडिगो इस सुधार को लंबे समय तक कायम रख पाती है या फिर यात्रियों को दोबारा अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है।

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