महिलाओं पर बढ़ते अपराध पर फटकार, हाईकोर्ट ने 2 दिन में कमेटी मांगी

Women Safety Committee

Ranchi : झारखंड में महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि झालसा (झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार) द्वारा सुझाई गई सुरक्षा कमेटी का गठन अब तक क्यों नहीं किया गया।

अदालत ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार की धीमी कार्रवाई अस्वीकार्य है। सरकार की ओर से पेश वकील ने कमेटी गठन के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने इसे तुरंत खारिज कर दिया। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा और राज्य सरकार को दो दिनों के भीतर कमेटी का गठन करना ही होगा।

पीठ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ अवमानना का मामला शुरू किया जाएगा। अदालत ने मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से स्कूलों में सुरक्षा और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर एक शपथपत्र (अफिडेविट) दाखिल किया गया। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह शपथपत्र पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराएं, ताकि अगली सुनवाई में इस पर भी विस्तार से विचार किया जा सके।

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इस मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट का यह सख्त रुख राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर प्रशासनिक खामियों की ओर इशारा करता है। अदालत ने साफ संकेत दे दिया है कि सरकार को अब तत्काल और प्रभावी कदम उठाने होंगे।

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