रांची पुलिस का बड़ा एक्शन: ‘गुलगुलिया गिरोह’ का पर्दाफाश, अंश–अंशिका को बंगाल में बेचने की थी तैयारी

Child Trafficking

Ranchi : रांची पुलिस ने लापता मासूम भाई–बहन अंश और अंशिका की सुरक्षित बरामदगी के बाद मानव तस्करी से जुड़े कुख्यात ‘गुलगुलिया गिरोह’ के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चों को पश्चिम बंगाल में 5–5 लाख रुपये में बेचने की तैयारी थी। इस गिरोह के 30 से अधिक सदस्यों को हिरासत में लिया गया है और इसके तार झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क से भी जुड़े होने की आशंका है।

13 दिन बाद सुरक्षित बरामदगी, फिर तेज हुई जांच
धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसी बाड़ी मल्हार कोचा से 2 जनवरी को लापता हुए अंश (5) और अंशिका (4) को 14 जनवरी को रामगढ़ जिले के चितरपुर (रजरप्पा थाना क्षेत्र) से सुरक्षित बरामद किया गया था। इसके बाद SIT ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए संगठित गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू किया।

बैलून–टॉफी का लालच, फिर अपहरण
पुलिस ने बताया कि बच्चों को बैलून और टॉफी का लालच देकर अगवा किया गया। इस वारदात में शामिल नभ खेरवार और सोनी कुमारी उर्फ सूर्या–सोनम (औरंगाबाद, बिहार) को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर गुलगुलिया गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ।

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5–5 लाख में सौदे की तैयारी, बंगाल तक कनेक्शन
जांच में सामने आया कि अंश और अंशिका का सौदा बंगाल के बड़े सिंडिकेट से तय था। गिरोह का काम बच्चों को अगवा कर ऊपरी स्तर के हैंडलर्स (जैसे मिर्जापुर गैंग से जुड़े तत्व) तक पहुंचाना है। इसके बदले निचले स्तर के सदस्य कमीशन लेते हैं, जबकि ऊपरी नेटवर्क बच्चे को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाकर बेचने या अन्य अपराधों में इस्तेमाल करता है।

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अंतरराज्यीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय लिंक की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क के तार कोटशिला–पुरुलिया (बंगाल), बिहार, यूपी समेत कई राज्यों से जुड़े हैं। प्रारंभिक संकेत मिल रहे हैं कि कुछ मामलों में बच्चों को अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट तक पहुंचाया जाता है। इस एंगल से भी जांच तेज कर दी गई है।

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30 से अधिक हिरासत में, कई जगहों पर छापेमारी
रांची (सिल्ली थाना क्षेत्र), मुरी, कोटशिला (पुरुलिया), लातेहार, चंदवा समेत कई इलाकों में एकसाथ छापेमारी कर 30+ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। सभी से अलग-अलग ठिकानों पर गहन पूछताछ चल रही है।

मुख्यमंत्री और DGP का सख्त संदेश
बच्चों की बरामदगी के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा था कि जांच यहीं नहीं रुकेगी और संगठित गिरोहों की कमर तोड़ी जाएगी। DGP और CID ADG ने भी नेटवर्क के हर सिरे तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस, बड़े खुलासों की उम्मीद
पुलिस रविवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे नेटवर्क, अंतरराज्यीय/अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और साक्ष्यों की विस्तृत जानकारी साझा करेगी। SIT की इस सफलता के बाद राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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