दावोस: टेक महिंद्रा ने झारखंड में AI, डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में निवेश का रखा प्रस्ताव
दावोस/स्विट्ज़रलैंड: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना मुर्मू सोरेन तथा झारखंड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ ग्लोबल आईटी कंपनी टेक महिंद्रा की अहम बैठक हुई। टेक महिंद्रा के शाहिल धवन (Head & President, IMEA Division) ने झारखंड प्रतिनिधिमंडल को टेक महिंद्रा लाउंज में आमंत्रित किया, जहां राज्य के आईटी और डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक में टेक महिंद्रा ने झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज के क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव रखा। कंपनी प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है और AI व डेटा सेंटर जैसी हाई-एंड तकनीकी संरचनाओं को बड़े पैमाने पर ऊर्जा की जरूरत होती है। ऐसे में टेक महिंद्रा राज्य सरकार के साथ मिलकर अंडरग्राउंड एनर्जी स्टोरेज सहित उन्नत ऊर्जा समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम कर सकती है।
आईटी पार्क के लिए रणनीतिक भागीदारी का संकेत
टेक महिंद्रा ने झारखंड में प्रस्तावित आईटी पार्क की रूपरेखा को और मजबूत करने के लिए रणनीतिक भागीदार के रूप में सहयोग की इच्छा भी जताई। यह कदम झारखंड में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने के साथ-साथ निजी निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
झारखंड में GCC स्थापित करने पर सकारात्मक रुख
बैठक का एक अहम बिंदु झारखंड में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की संभावना रही। टेक महिंद्रा ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए संकेत दिया कि झारखंड में GCC स्थापित होने से राज्य में आईटी सेवाएं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, माइनिंग रिसर्च, फाइनेंस, कस्टमर सर्विस और डिजिटल इनोवेशन जैसे वैश्विक कार्यों का संचालन स्थानीय प्रतिभाओं के माध्यम से संभव होगा। इससे झारखंड को तकनीकी क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान मिल सकती है।
स्किल डेवलपमेंट और स्कॉलरशिप पर भी चर्चा
शिक्षा और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में टेक महिंद्रा ने बताया कि कंपनी उच्च शिक्षा, स्कॉलरशिप और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित करती है। कंपनी ने झारखंड के युवाओं के लिए राज्य के भीतर और बाहर कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाने हेतु सरकार के साथ साझेदारी का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में टेक महिंद्रा से राज्य के ITI संस्थानों को अधिक रोजगार और बाजारोन्मुख बनाने में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी से ही युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकता है और रोजगार के अवसरों में वास्तविक बढ़ोतरी संभव है।
झारखंड के लिए निवेश और रोजगार की नई संभावना
यह बैठक झारखंड को आईटी, डिजिटल इनोवेशन, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। टेक महिंद्रा के प्रस्तावित निवेश से राज्य में तकनीकी आधारभूत संरचना, रोजगार और स्किल आधारित इकोसिस्टम को नई गति मिलने की उम्मीद है।






