प्रिंस खान–सुजीत सिन्हा गठजोड़, शूटर सप्लाई और फर्जी नाम से नेटवर्क ऑपरेट
पलामू में गैंगवार कनेक्शन का बड़ा खुलासा
Palamu : झारखंड के पलामू जिले में पुलिस की हालिया कार्रवाई ने दो बड़े आपराधिक गिरोहों के गठजोड़ का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच आपराधिक साझेदारी बनी हुई है, जिसमें दोनों एक-दूसरे के नेटवर्क और संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
शनिवार को पलामू पुलिस ने सुजीत सिन्हा से जुड़े आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चार पिस्टल बरामद किए गए। पूछताछ में इन अपराधियों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
ऐसे काम कर रहा था गैंग गठजोड़
गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस को बताया कि— सुजीत सिन्हा पुलिस कार्रवाई और मुकदमों से बचने के लिए प्रिंस खान का नाम आगे करना चाहता था वहीं प्रिंस खान, सुजीत सिन्हा के स्थानीय नेटवर्क और शूटरों का इस्तेमाल करना चाहता था दोनों के बीच यह तय हुआ था कि अगर फायरिंग के बाद कोई पकड़ा गया -जिम्मेदारी प्रिंस खान लेगा, अगर कोई नहीं पकड़ा गया – जिम्मेदारी सुजीत सिन्हा के नाम जाएगी ।
“कुबेर” नाम का रहस्यमयी लिंक
पुलिस जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है — “कुबेर” नाम का शख्स, जो असल में एक फर्जी नाम है। यही व्यक्ति प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के बीच कनेक्शन का काम कर रहा था।
पुलिस के अनुसार:
कुबेर और अमित चौधरी मिलकर गिरोह के लिए शूटर तैयार करते थे शूटरों को पैसे और हथियार उपलब्ध कराए जाते थे
बरामद सभी पिस्टल मध्यप्रदेश से खरीदे गए थे गिरफ्तार अमित चौधरी विदेश भागने की फिराक में था
एसपी ने क्या कहा
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा:
“प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गिरोह से जुड़े आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि दोनों गिरोह मिलकर पलामू क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार अमित चौधरी कुबेर से जुड़ा हुआ है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।”
कौन हैं प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा? प्रिंस खान धनबाद के वासेपुर का निवासी, वर्तमान में दुबई में बैठकर रंगदारी और धमकी कॉल ऑपरेट करने का आरोप सुजीत सिन्हा पलामू का निवासी, कई मामलों में आरोपी, फिलहाल जेल में बंद |पिछले दो महीनों में पलामू क्षेत्र में प्रिंस खान की सक्रियता बढ़ी थी। पुलिस अब तक उससे जुड़े करीब 15 अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
हथियार, नेटवर्क और बाहरी कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया है कि सुजीत सिन्हा की ओर से कई स्थानीय जानकारियां प्रिंस खान तक पहुंचाई जा रही थीं। इससे गिरोह बाहरी राज्य से ऑपरेट होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर घटनाओं को अंजाम देने में सक्षम था।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पलामू पुलिस अब गिरोह के फंडिंग स्रोत हथियार सप्लाई चैन और विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है।






