झारखंड में सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने पर विराम, सरकार ने किया साफ इनकार
रांची: झारखंड में सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की अटकलों पर सरकार ने विधानसभा में विराम लगा दिया है। संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास फिलहाल रिटायरमेंट की उम्र 62 वर्ष करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
विधायक ने उठाई थी उम्र बढ़ाने की मांग
विधानसभा में विधायक जनार्दन पासवान ने बड़ी संख्या में रिक्त पदों का हवाला देते हुए कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग उठाई थी। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के पक्ष में है और रिक्त पदों पर शिक्षित व कुशल युवाओं को मौका दिया जाएगा।
आउटसोर्सिंग पर भी सरकार सख्त
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आउटसोर्स कर्मियों को एजेंसियों द्वारा पूरा वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही आउटसोर्स से होने वाली नियुक्तियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी और आरक्षण नीति का पालन अनिवार्य होगा।
आर्थिक सर्वेक्षण में बढ़ती आय और विकास दर
विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक आंकड़ों के अनुसार राज्य की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर 68,612 रुपये से बढ़कर वर्तमान मूल्य पर 1,14,271 रुपये हो गई है। चालू वर्ष में इसके 1,24,079 रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
राज्य की जीएसडीपी में भी लगातार सुधार देखा गया है। वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच स्थिर मूल्य पर औसतन 7.7% और वर्तमान मूल्य पर 10.7% की वृद्धि दर्ज की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर 6.7% और वर्तमान मूल्य पर 9.8% वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के मुकाबले झारखंड की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और विकास दर लगातार सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है।







