LPG सिलेंडर बुकिंग नियम बदले, शहर में 25 और गांव में 45 दिन का अंतराल
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सप्लाई सिस्टम पर दबाव कम करने का फैसला
नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। गैस सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग नियम
नए नियम के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग 45 दिन के अंतराल के बाद ही की जा सकेगी, जबकि शहरी इलाकों में यह अंतराल 25 दिन रखा गया है। इससे पहले पूरे देश में सिलेंडर बुकिंग का अंतराल 21 दिन था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 25 दिन किया गया था।
अफवाहों के कारण बढ़ी थी पैनिक बुकिंग
सरकार के मुताबिक हाल के दिनों में गैस की कमी की अफवाहों के कारण कई उपभोक्ता जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक कराने लगे थे। रिपोर्ट के अनुसार जो लोग पहले लगभग 55 दिन में सिलेंडर बुक करते थे, वे अब 15–20 दिन में ही बुकिंग करने लगे थे।
इससे जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई थी। इसी स्थिति को नियंत्रित करने और सप्लाई सिस्टम पर अचानक दबाव कम करने के लिए बुकिंग अंतराल बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
वैश्विक तनाव से बढ़ी चिंता
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ गया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है।
भारत अपनी लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत गैस इसी मार्ग से आती है। ऐसे में यदि इस रास्ते पर आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका असर भारतीय बाजार और रसोई गैस की उपलब्धता पर पड़ सकता है।
उत्पादन बढ़ाने का दावा
केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार घरेलू रिफाइनरी कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोतों से भी व्यवस्था की गई है।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
सरकार ने कहा है कि यदि भविष्य में सप्लाई पर दबाव बढ़ता है तो घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को मिलने वाली एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति में कुछ कटौती की गई है।
देश के 33 करोड़ से अधिक घरों तक रसोई गैस की नियमित सप्लाई बनाए रखने के लिए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें, क्योंकि फिलहाल देश में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है।






