फाल्टा में ‘पुष्पा राज’ खत्म! TMC के गढ़ में 1 लाख वोटों से खिला कमल
अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले क्षेत्र में बीजेपी की रिकॉर्ड जीत, दोबारा मतदान के बाद बदला पूरा समीकरण
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की चर्चित फाल्टा विधानसभा सीट पर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए टीएमसी के मजबूत गढ़ को ध्वस्त कर दिया है। रविवार को घोषित नतीजों में बीजेपी उम्मीदवार दिग्बांशु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। यह सीट दक्षिण 24 परगना जिले में आती है और इसे लंबे समय से टीएमसी का अभेद्य किला माना जाता रहा है। खास बात यह है कि यह क्षेत्र अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
दोबारा मतदान के बाद बदला समीकरण
फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया गया था। पुनर्मतदान के दौरान 87 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई थी। अप्रैल में हुए मतदान के दौरान कई ईवीएम मशीनों पर बीजेपी प्रत्याशी के नाम और चुनाव चिह्न के सामने सफेद टेप लगाए जाने की शिकायत सामने आई थी। जांच के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था।
TMC प्रत्याशी के हटने से मचा था सियासी भूचाल
टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से ठीक दो दिन पहले चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। उनके इस फैसले ने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी थी। चुनाव से पहले जहांगीर खान ने जोरदार अंदाज में कहा था कि “पुष्पा झुकेगा नहीं”, लेकिन अचानक उम्मीदवारी वापस लेने के फैसले ने सभी को चौंका दिया।
उन्होंने कहा था कि उनका मकसद फाल्टा में शांति और विकास सुनिश्चित करना है और इसी कारण उन्होंने चुनावी मैदान छोड़ने का फैसला लिया।
बीजेपी की रणनीति ने दिलाई बड़ी जीत
बीजेपी ने इस सीट पर दिग्बांशु पांडा को मैदान में उतारा था। पार्टी ने पुनर्मतदान के दौरान बूथ स्तर पर मजबूत रणनीति अपनाई और मतदाताओं को बड़े पैमाने पर अपने पक्ष में किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत सिर्फ एक विधानसभा सीट की जीत नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश है।
बंगाल की राजनीति में बड़ा संकेत
फाल्टा का परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीएमसी के गढ़ में बीजेपी की इतनी बड़ी जीत ने राज्य की सियासत का समीकरण बदलने के संकेत दे दिए हैं।
अब इस नतीजे को बंगाल की राजनीति में बीजेपी की बढ़ती पकड़ और टीएमसी के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।






