झारखंड कैडर के 6 IPS अफसर केंद्र में IG रैंक में इंपैनल, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
ACC की मंजूरी के बाद छह वरिष्ठ IPS अधिकारियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, केंद्र सरकार के अहम विभागों में संभालेंगे भूमिका
रांची: झारखंड कैडर के छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार में इंस्पेक्टर जनरल (IG) रैंक के लिए इंपैनल किया गया है। इस संबंध में गृह विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet-ACC) ने केंद्रीय स्तर पर IG या समकक्ष पदों के लिए 68 आईपीएस अधिकारियों की सशर्त इंपैनलमेंट सूची को मंजूरी दी है, जिसमें झारखंड कैडर के छह अधिकारियों का नाम शामिल है।
केंद्र सरकार में मिलेगी अहम जिम्मेदारी
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों को सेंट्रल इंपैनलिंग बोर्ड के माध्यम से भारतीय पुलिस सेवा के IG रैंक के लिए चुना गया है। अब ये अधिकारी केंद्र सरकार की विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों, सुरक्षा संगठनों और महत्वपूर्ण विभागों में IG स्तर की जिम्मेदारी संभाल सकेंगे।
झारखंड के ये छह IPS हुए इंपैनल
झारखंड कैडर से जिन छह आईपीएस अधिकारियों को केंद्र में IG रैंक के लिए इंपैनल किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- अखिलेश कुमार झा – 2003 बैच
- पटेल मयूर कन्हैयालाल – 2007 बैच
- राकेश बंसल – 2007 बैच
- अनीश गुप्ता – 2008 बैच
- एम. तमिलवाणन – 2008 बैच
- अजय लिंडा – 2008 बैच
CBI में तैनात हैं अनीश गुप्ता
इंपैनल हुए अधिकारियों में अनीश गुप्ता फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर CBI में कार्यरत हैं। अनीश गुप्ता झारखंड में रहते हुए रांची के एसएसपी सहित कई जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता और जांच क्षमता को देखते हुए उन्हें पहले ही केंद्रीय एजेंसी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी।
राकेश बंसल हाल ही में लौटे हैं झारखंड
राकेश बंसल हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस झारखंड लौटे हैं। वहीं अखिलेश कुमार झा, पटेल मयूर कन्हैयालाल, एम. तमिलवाणन और अजय लिंडा फिलहाल राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं।
राज्य पुलिस महकमे के लिए बड़ी उपलब्धि
झारखंड कैडर के छह अधिकारियों का केंद्र में IG रैंक के लिए इंपैनल होना राज्य पुलिस महकमे के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह न सिर्फ इन अधिकारियों की प्रशासनिक क्षमता की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है, बल्कि इससे झारखंड पुलिस की कार्यशैली और दक्षता को भी नई पहचान मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र में इन अधिकारियों की भूमिका राज्य के लिए भी भविष्य में लाभकारी साबित हो सकती है।





