जेपीएससी पीटी परिणाम पर आजसू ने उठाए सवाल, कटऑफ जारी करने और सीबीआई जांच की मांग
रांची: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम को लेकर आजसू पार्टी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने परिणाम की पारदर्शिता पर संदेह जताते हुए आयोग से कोटिवार कटऑफ सार्वजनिक करने, परिणाम की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आजसू के केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व विधायक लंबोदर महतो तथा पार्टी महासचिव संजय मेहता ने आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
जेपीएससी की कार्यशैली संदेहास्पद : लंबोदर महतो
पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली से पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष है तो आयोग को कोटिवार कटऑफ जारी करने में क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में आयोग को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन अब तक आयोग की ओर से कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। लंबोदर महतो ने कहा कि जब तक परिणाम की वैधानिक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक मुख्य परीक्षा (मेन्स) आयोजित नहीं की जानी चाहिए।
50 अनारक्षित सीटों पर 418 अभ्यर्थियों को लेकर सवाल
आजसू महासचिव संजय मेहता ने दावा किया कि मीडिया रिपोर्टों में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी का संबंध हरियाणा से बताया गया है। उन्होंने कहा कि 50 अनारक्षित पदों के लिए पीटी में 1122 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, जिनमें से 418 अभ्यर्थी हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। उन्होंने आयोग से इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। संजय मेहता ने कहा कि आयोग को यह भी बताना चाहिए कि कुल रिक्तियों के मुकाबले कितने प्रतिशत अतिरिक्त अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित किया जाता है।
कोटिवार कटऑफ और उत्तर कुंजी सार्वजनिक करने की मांग
आजसू ने आयोग से मांग की है कि—
- एसटी, एससी, ओबीसी-1, ओबीसी-2 और ईडब्ल्यूएस श्रेणी का अलग-अलग कटऑफ जारी किया जाए।
- संबंधित श्रेणी के सफल अभ्यर्थियों की उत्तर कुंजी सार्वजनिक की जाए।
- चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी मानदंड पारदर्शी तरीके से अभ्यर्थियों के समक्ष रखे जाएं।
पार्टी का कहना है कि इससे अभ्यर्थियों को अपने अंकों और परिणाम की निष्पक्षता का आकलन करने में मदद मिलेगी।
परिणाम की वैधानिकता पर भी उठे सवाल
आजसू नेताओं ने कहा कि यदि परीक्षा एजेंसी द्वारा तैयार परिणाम पर आयोग के सदस्यों की आपत्ति है, तो ऐसे परिणाम की वैधानिकता पर स्वतः प्रश्नचिह्न लग जाता है। पार्टी ने दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं, जिनके आधार पर चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही, क्रमबद्ध तरीके से 832 अभ्यर्थियों के परिणाम नहीं आने को लेकर भी आयोग से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मेन्स परीक्षा पर रोक लगाने की मांग
आजसू ने कहा कि पीटी परिणाम से जुड़े सभी विवादों का समाधान होने तक मेन्स परीक्षा नहीं कराई जानी चाहिए। पार्टी का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के बाद मात्र 16 दिनों में मेन्स परीक्षा आयोजित करना व्यावहारिक नहीं है।
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
आजसू ने चेतावनी दी कि यदि आयोग ने अभ्यर्थियों के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो पार्टी इस मुद्दे पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। पार्टी नेताओं ने कहा कि झारखंड में नियमित अंतराल पर जेपीएससी परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए, ताकि युवाओं को समय पर अवसर मिल सके और राज्य में प्रशासनिक पदों पर रिक्तियां शीघ्र भरी जा सकें। प्रेस वार्ता में पार्टी के केंद्रीय मीडिया संयोजक परवेज खान और रांची जिला उपाध्यक्ष सह रिसर्च स्कॉलर अमित साहू भी उपस्थित थे।






