दिल्ली के सरकारी कार्यक्रम से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बनाई दूरी? बोले- निमंत्रण ही नहीं मिला, कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर खरगे से की मुलाकात
रांची/नई दिल्ली: झारखंड सरकार के दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026 कार्यक्रम के बीच राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। सरकार के वरिष्ठ मंत्री और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर दिल्ली में मौजूद होने के बावजूद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, वित्त मंत्री ने साफ कहा है कि उन्हें इस कार्यक्रम की कोई आधिकारिक सूचना या निमंत्रण नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जानकारी दी जाती, तो वह निश्चित रूप से कार्यक्रम में शामिल होते।
“मुझे कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं मिली”
मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि वह पिछले दो दिनों से दिल्ली में हैं, लेकिन उन्हें नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम को लेकर न तो कोई पत्र मिला और न ही कोई आधिकारिक सूचना दी गई। उन्होंने कहा कि बिना सूचना के किसी कार्यक्रम में शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।
कांग्रेस के अन्य मंत्री हुए शामिल
जहां वित्त मंत्री कार्यक्रम में नहीं पहुंचे, वहीं कांग्रेस कोटे से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और डॉ. इरफान अंसारी कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकीं। वित्त मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, हालांकि उन्होंने इसे केवल सूचना नहीं मिलने का मामला बताया है।
कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे, खरगे और जयराम रमेश से की मुलाकात
दिल्ली प्रवास के दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर कांग्रेस मुख्यालय भी पहुंचे। वहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश से मुलाकात की। बैठक के दौरान संगठन और झारखंड सरकार के कार्यों पर चर्चा हुई। राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि कांग्रेस संगठन और राज्य सरकार बेहतर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है और गठबंधन दलों के साझा घोषणापत्र एवं नीतियों को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
विभागीय सचिव के जवाब का अब भी इंतजार
वित्त मंत्री ने हाल ही में विभाग के संयुक्त सचिव पंकज सिंह द्वारा सरकारी वाहन लौटाने संबंधी भेजे गए पत्र पर सवाल उठाए थे। इस मामले में उन्होंने विभागीय सचिव से पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अब तक विभाग की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में वह अभी भी विभागीय स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं।




