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WEF दावोस 2026: हेमंत सोरेन की यात्रा पर बाबूलाल मरांडी का हमला, JMM–कांग्रेस का जवाब

BJP vs JMM

दावोस से पहले ही हेमंत सोरेन पर करारा प्रहार—‘उद्योगपति नहीं आएंगे झारखंड’

दावोस: स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रही World Economic Forum की बैठक में जहां हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है, वहीं राज्य की राजनीति में इसे लेकर तीखा घमासान छिड़ गया है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि हेमंत सोरेन चाहे जो कर लें, यहां तक कि उद्योगपतियों का पैर भी पकड़ लें, फिर भी कोई उद्योगपति झारखंड में उद्योग लगाने नहीं आएगा।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर गए थे, ऐसे में यह पूछा जाना चाहिए कि वे वहां से क्या ठोस परिणाम लेकर लौटे।

“जहां कानून-व्यवस्था ठीक, वहीं जाता है निवेश”
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कोई भी उद्योगपति उसी राज्य में पूंजी निवेश करता है, जहां विधि-व्यवस्था दुरुस्त हो और भ्रष्टाचार न हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में अपराध चरम पर है—

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“बच्चे, महिलाएं, कोई भी सुरक्षित नहीं है। सीओ से लेकर थाने तक खुलेआम उगाही हो रही है। ऐसे माहौल में कौन निवेश करेगा?”

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मरांडी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और अधिकारी विदेश सैर-सपाटे के लिए गए हैं, न कि निवेश लाने के लिए।

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उद्योग मंत्री को दावोस नहीं ले जाने पर सवाल
इस मुद्दे पर भाजपा ने एक और सवाल खड़ा किया है। यह लगातार दूसरी बार है जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उद्योग निवेश के उद्देश्य से विदेश गए हैं, लेकिन उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को साथ नहीं ले गए। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल पहले ही इसे लेकर तंज कस चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा “कम्युनिटी टूर” जैसी लगती है और उद्योग मंत्री का साथ न जाना कई सवाल खड़े करता है।

JMM का पलटवार: भाजपा पहले जवाब दे
मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा को झारखंड के सम्मान और स्वाभिमान से जोड़ते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो नेता मुख्यमंत्री की यात्रा को सरकारी खर्च पर मौज-मस्ती बता रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी देश-विदेश की यात्राएं किस खर्च पर करते हैं।

मनोज पांडेय ने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने कार्यकाल में किन-किन लोगों को विदेश यात्राओं पर साथ ले गए थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह विशेषाधिकार है कि वह किसे अपने साथ ले जाएं। उद्योग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए खुद मुख्यमंत्री दावोस में मौजूद हैं।

कांग्रेस बोली—भाजपा कर रही नकारात्मक राजनीति
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दावोस यात्रा पर भाजपा की आलोचना को नकारात्मक राजनीति बताते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जगदीश साहू ने बाबूलाल मरांडी को सकारात्मक राजनीति की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा का सकारात्मक असर झारखंड में दिखेगा और इससे राज्य को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

राजनीतिक संदेश साफ
एक ओर दावोस में झारखंड को वैश्विक निवेश मानचित्र पर लाने की कोशिश, दूसरी ओर राज्य के भीतर तीखी बयानबाजी—यह साफ करता है कि दावोस यात्रा अब केवल निवेश का नहीं, बल्कि सियासी बहस का भी बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
अब देखना यह है कि इस यात्रा के बाद जमीन पर क्या ठोस नतीजे सामने आते हैं।

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