विष्णुगढ़ में नाबालिग की निर्मम हत्या, अंधविश्वास में मां ने ही दी बेटी की बलि

Vishnugarh Murder Case

तंत्र-मंत्र के नाम पर रची गई खौफनाक साजिश, मां समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

हजारीबाग: झारखंड के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्भा गांव में नाबालिग बच्ची की निर्मम हत्या मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस जघन्य वारदात के पीछे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की काली सच्चाई सामने आई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या में खुद बच्ची की मां भी शामिल पाई गई है।

मां, भगताइन और सहयोगी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  • रेशमी देवी (मृतका की मां)
  • शांति देवी (कथित भगताइन)
  • भीम राम (सहयोगी)

मामले का खुलासा डीआईजी अंजनी झा, एसपी अंजनी अंजन और डीसी शशि प्रकाश सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

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रामनवमी जुलूस के दौरान गायब हुई थी बच्ची
घटना 24 मार्च की रात की है, जब बच्ची रामनवमी के मंगला जुलूस के दौरान लापता हो गई थी। अगले दिन यानी 25 मार्च की सुबह उसका शव मिडिल स्कूल के पीछे मैदान से बरामद हुआ। इसके बाद परिजनों के बयान पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया और जांच के लिए एसआईटी गठित की गई।

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अंधविश्वास में रची गई खौफनाक साजिश
जांच में सामने आया कि बच्ची की मां पिछले एक साल से अपने बेटे की परेशानी को लेकर कथित भगताइन के संपर्क में थी। भगताइन ने उसे विश्वास दिलाया कि बेटे की समस्या खत्म करने के लिए किसी कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी। इस पर मां ने अपनी ही बेटी को इस काले कर्मकांड के लिए तैयार कर दिया।

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कैसे दी गई मासूम की बलि
पुलिस के अनुसार, घटना की रात मां अपनी बेटी को लेकर भगताइन के घर पहुंची, जहां पहले तंत्र-मंत्र किया गया। इसके बाद बच्ची को बांसबाड़ी ले जाया गया, जहां कथित अनुष्ठान के दौरान:

  • भीम राम ने बच्ची का गला घोंटा
  • मां ने उसके पैर पकड़कर उसे काबू में रखा
  • बाद में सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या की पुष्टि की गई

इतना ही नहीं, बच्ची के खून से पूजा भी की गई, जिसने इस घटना को और भयावह बना दिया।

SIT की कार्रवाई, जल्द होगी चार्जशीट
इस मामले की जांच प्रशिक्षु आईपीएस नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने की। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास की खतरनाक सच्चाई भी उजागर करती है। एक मां द्वारा अपनी ही बेटी की बलि देना यह दर्शाता है कि जागरूकता की कितनी जरूरत है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

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