गहने खरीदना होगा महंगा? सरकार ने ज्वैलरी इम्पोर्ट पर सख्ती
FTA के दुरुपयोग पर रोक, अब DGFT की मंजूरी के बिना नहीं आएगी सोना-चांदी ज्वैलरी
मुनादी लाइव : सोना-चांदी के गहने खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने गोल्ड, सिल्वर और प्लेटिनम ज्वैलरी के आयात नियमों को सख्त कर दिया है, जिससे आने वाले समय में गहने महंगे हो सकते हैं। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया है। लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कुछ कारोबारी FTA का गलत इस्तेमाल कर सस्ती दरों पर ज्वैलरी आयात कर रहे थे।
अब बिना मंजूरी नहीं होगा इम्पोर्ट
सरकार के इस फैसले के बाद अब किसी भी कारोबारी को सोना-चांदी या प्लेटिनम ज्वैलरी आयात करने के लिए Directorate General of Foreign Trade (DGFT) से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। DGFT द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, ज्वैलरी इम्पोर्ट पॉलिसी को ‘फ्री’ से बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कर दिया गया है, कस्टम टैरिफ हेडिंग (CTH) 7113 के तहत आने वाले सभी उत्पाद इस दायरे में आएंगे ।
पुराने कॉन्ट्रैक्ट पर भी लागू नियम
सरकार ने साफ कर दिया है कि यह नियम किसी भी पुराने कॉन्ट्रैक्ट, एडवांस पेमेंट या शिपमेंट पर भी लागू होगा। यानी अब कोई भी व्यापारी बिना सरकारी अनुमति के महंगी ज्वैलरी देश में नहीं ला सकेगा।
क्या असर पड़ेगा बाजार पर?
इस फैसले का सीधा असर ज्वैलरी बाजार पर पड़ सकता है। आयात कम होने से सप्लाई घट सकती है, जिससे सोना-चांदी के गहनों की कीमतों में बढ़ोतरी संभव है, खासकर शादी और त्योहार के सीजन में इसका असर ज्यादा दिख सकता है।
पहले ही रिकॉर्ड स्तर छू चुके हैं दाम
गौरतलब है कि पिछले एक साल में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। 29 जनवरी 2026 को:
सोना: ₹1.92 लाख प्रति 10 ग्राम (ऑल टाइम हाई)
चांदी: ₹4.20 लाख प्रति किलो
हालांकि, हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कीमतों में कुछ गिरावट भी आई है।
सरकार का मकसद क्या है?
सरकार का मुख्य उद्देश्य:
- FTA के दुरुपयोग को रोकना
- घरेलू उद्योग को सुरक्षा देना
- आयात प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना
आगे क्या?
अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि इस फैसले के बाद ज्वैलरी की कीमतों में कितना बदलाव आता है और क्या घरेलू उत्पादन इस कमी को पूरा कर पाता है। फिलहाल इतना तय है कि आने वाले दिनों में सोना-चांदी के गहनों की खरीद पहले से महंगी पड़ सकती है।






