इंडिगो का बड़ा ऐलान: दिसंबर की अव्यवस्था के बाद यात्रियों को 10,000 तक मुआवज़ा

Indigo Compensation

New Delhi: दिसंबर के पहले हफ्ते में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ान सेवाओं में जिस तरह का असामान्य अव्यवस्था देखने को मिला, उसने एयर यात्रा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें, घंटों तक फंसे लोग, रद्द उड़ानें और देरी से चलने वाली सर्विस—इन सबने यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। अब इंडिगो ने इस स्थिति से प्रभावित यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण मुआवज़े की घोषणा की है।

एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि 3, 4 और 5 दिसंबर को जिन यात्रियों को भीषण भीड़ और अव्यवस्था के कारण लंबे समय तक एयरपोर्ट पर फंसा रहना पड़ा, उन्हें 10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर दिया जाएगा। यह वाउचर अगले 12 महीनों में कहीं भी इंडिगो की उड़ान में टिकट खरीदने पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

यात्रियों की नाराज़गी के बीच इंडिगो का राहत पैकेज
बीते दिनों सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ और अफरा-तफरी देखी जा सकती थी। कई फ्लाइट्स बिना पूर्व सूचना रद्द हो गईं, तो कई घंटों तक उड़ानें टेकऑफ़ नहीं कर सकीं। इंडिगो ने इस “असामान्य स्थिति” के लिए तकनीकी खामियों, क्रू की अनुपलब्धता और रोस्टरिंग सिस्टम में अचानक आई गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया था।

घटनाओं के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी एयरलाइनों को कठोर निर्देश दिए थे कि वे किराया सीमा का पालन करें और यात्रियों से मनमाना शुल्क न वसूलें। इस दबाव के बीच इंडिगो ने स्वेच्छा से अतिरिक्त मुआवज़ा देने की घोषणा की, जिसे यात्रियों ने ‘आंशिक राहत’ बताया है।

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कौन-से यात्री होंगे मुआवज़े के पात्र?
इंडिगो के अनुसार वे ग्राहक पात्र होंगे—

  • जिन्हें 3 से 5 दिसंबर के बीच किसी प्रमुख एयरपोर्ट पर घंटों लंबा इंतजार करना पड़ा
  • जिन्हें एयरपोर्ट की “सीवियरली इम्पैक्टेड” स्थिति ने प्रभावित किया
  • जिन्होंने भीड़ और देरी के कारण यात्रा नहीं कर सकी या यात्रा में भारी व्यवधान आया
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एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यह राशि सरकार द्वारा निर्धारित अनिवार्य मुआवज़े से अलग दी जा रही है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि उड़ान प्रस्थान से 24 घंटे के भीतर रद्द होती है, तो यात्रियों को 5,000 से 10,000 रुपये तक का अनिवार्य मुआवज़ा पाने का अधिकार होता है।

रिफंड प्रक्रिया—कितना हुआ पूरा?
इंडिगो ने जानकारी दी है कि—

  • अधिकांश रिफंड यात्रियों को भेजे जा चुके हैं
  • अगर टिकट ट्रैवल एजेंट के माध्यम से बुक हुआ था, तो वही एजेंट रिफंड प्रोसेस करेगा
  • जिन यात्रियों को अभी तक रिफंड नहीं मिला है, वे एयरलाइन से ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं

कई यात्रियों ने यह भी शिकायत की है कि उनके रिफंड में देरी हो रही है या राशि कम आई है, जिस पर एयरलाइन ने कहा है कि “अगले 48–72 घंटों में सभी लंबित रिफंड भेज दिए जाएंगे।”

एयरलाइन सेक्टर पर उठते सवाल
इंडिगो के 3 दिन की अव्यवस्था ने यह साफ किया कि भारत की एयरलाइन प्रणाली बड़े पैमाने पर अचानक आई गड़बड़ियों से निपटने के लिए तैयार नहीं है। यात्रियों के अनुसार, एयरलाइनों को—

  • बैकअप क्रू की संख्या बढ़ानी चाहिए
  • रोस्टरिंग सिस्टम को अपग्रेड करना चाहिए
  • एयरपोर्ट पर भीड़ नियंत्रण व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए

मंत्रालय ने भी यह संकेत दिया है कि वह आगे एयरलाइनों से परिचालन योजना की अधिक पारदर्शिता की मांग कर सकता है।

क्या इंडिगो का कदम पर्याप्त है?
यात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि मुआवज़ा स्वागतयोग्य है, लेकिन यह उन यात्रियों की “मानसिक और आर्थिक क्षति” की भरपाई नहीं कर सकता, जिन्हें घंटों अपने परिवारों से दूर, बिना भोजन और पानी के इंतजार करना पड़ा। हालांकि, एयरलाइन द्वारा उठाया गया यह कदम उद्योग में ‘ग्राहक जिम्मेदारी’ का एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

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