झारखंड पुलिस की नई पहल, हर थाना स्तर पर बनेगा WhatsApp ग्रुप

Police Public Connect

रांची: झारखंड में आम लोगों और पुलिस के बीच दूरी कम करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की जा रही है। डीजीपी तदाशा मिश्र के निर्देश पर अब राज्य के हर थाना स्तर पर एक WhatsApp ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें इलाके के सम्मानित और जिम्मेदार लोगों को जोड़ा जाएगा। इस पहल का मकसद पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि किसी भी घटना या समस्या की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंच सके।

जानकारी के मुताबिक, इन WhatsApp ग्रुप के जरिए लोग अपने क्षेत्र में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, आपसी विवाद, सड़क हादसों, नशे से जुड़ी घटनाओं और अन्य जरूरी सूचनाएं सीधे साझा कर सकेंगे। इन सूचनाओं पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इससे न सिर्फ अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि लोगों का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत होगा।

थाना प्रभारी होंगे ग्रुप के एडमिन
इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक WhatsApp ग्रुप का एडमिन संबंधित थाना प्रभारी होंगे। ग्रुप में जिले के एसपी, डीएसपी, पंचायत के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड पार्षद और स्थानीय गणमान्य लोगों को भी शामिल किया जाएगा। इस तरह यह ग्रुप पुलिस और समाज के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करेगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार छोटी घटनाएं समय रहते पुलिस तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे बाद में मामला बड़ा रूप ले लेता है। लेकिन इस डिजिटल पहल से सूचना का आदान-प्रदान तेज होगा और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सहूलियत मिलेगी।

munadi live whattsapp banne.jpg

पुलिस-जन संवाद को मिलेगा नया मंच
इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि आम लोग बिना किसी डर या हिचक के अपनी समस्या सीधे पुलिस तक पहुंचा सकें। कई बार लोग थाने जाने से बचते हैं या स्थानीय स्तर पर सूचना देने में संकोच करते हैं। ऐसे में WhatsApp ग्रुप एक आसान और सीधा माध्यम बन सकता है।

resizone elanza

Telegram channel

पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इस पहल से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी, साथ ही समाज की भागीदारी के जरिए अपराध पर नियंत्रण का नया मॉडल विकसित हो सकता है।

सफल जिलों को मिलेगा प्रोत्साहन
डीजीपी तदाशा मिश्र ने सभी जिलों को इस योजना को गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि जहां यह व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू होगी, उन क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

झारखंड पुलिस की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब पुलिसिंग को अधिक जनोन्मुखी, तकनीक आधारित और सहभागितापूर्ण बनाने पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो राज्य में पुलिस और जनता के रिश्ते में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *