असम में झामुमो अकेले मैदान में, 21 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
कांग्रेस से नहीं बन सकी बात, अब कई सीटों पर सीधा मुकाबला
मुनादी लाइव : असम विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। Jharkhand Mukti Morcha (झामुमो) ने राज्य में 21 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के साथ किसी तरह का समझौता नहीं हो सका, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है।

दिल्ली दौरा भी नहीं ला सका नतीजा
गठबंधन की संभावनाओं को देखते हुए झामुमो सुप्रीमो Hemant Soren रविवार को दिल्ली गए थे। उम्मीद थी कि Indian National Congress के साथ सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन सकती है, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। सूत्रों के अनुसार, अंतिम समय तक दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
अब आमने-सामने होंगे सहयोगी दल
असम में फिलहाल Bharatiya Janata Party (भाजपा) की सरकार है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है। झारखंड में कांग्रेस और झामुमो सहयोगी दल हैं, इसलिए दोनों के बीच गठबंधन की उम्मीद जताई जा रही थी।
लेकिन अब जब समझौता नहीं हो सका है, तो कम से कम 21 सीटों पर झामुमो और कांग्रेस आमने-सामने होंगे।
राजनीतिक समीकरण पर पड़ेगा असर
झामुमो के इस फैसले से असम के चुनावी समीकरण पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। विपक्षी वोटों के बंटवारे से मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न केवल असम बल्कि झारखंड की राजनीति में भी असर डाल सकता है, जहां दोनों दल गठबंधन में सरकार चला रहे हैं।
क्या होगा आगे?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि चुनावी मैदान में झामुमो का प्रदर्शन कैसा रहता है और क्या यह फैसला विपक्षी एकता पर असर डालता है।
फिलहाल इतना तय है कि असम चुनाव में इस बार मुकाबला और ज्यादा रोचक और बहुकोणीय होने वाला है।






