RKDF यूनिवर्सिटी रांची में “फार्मा अन्वेषण झारखंड 2026” का भव्य आयोजन
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी रहे मुख्य अतिथि
मुनादी लाइव: रांची में फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “फार्मा अन्वेषण झारखंड 2026” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Pharmacy Council of India की पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसकी मेजबानी RKDF University Ranchi के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज ने की।
कार्यक्रम का आयोजन रांची के Institute of Public Health Auditorium Namkum में किया गया, जिसमें झारखंड समेत विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों, फार्मेसी कॉलेजों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “फ्यूचर फार्मा इकोसिस्टम: अकादमिक, इंडस्ट्री, रिसर्च, रेगुलेटरी एवं प्रैक्टिस के बीच समन्वय” रखी गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना था।
मुख्य अतिथि डॉ. इरफान अंसारी ने किया संबोधित
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारीi ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में फार्मेसी की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण दवाओं का विकास, अनुसंधान आधारित फार्मास्यूटिकल इनोवेशन और आधुनिक तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें और देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने में योगदान दें।

कई प्रमुख अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में कई प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—
- धर्मेन्द्र सिंह – ईसी सदस्य, पीसीआई एवं जोनल समन्वयक फार्मा अन्वेषण
- शशि प्रकाश झा – आईएएस, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड
- ऋतु सहाय – औषधि निदेशक, झारखंड सरकार
इन सभी अतिथियों ने फार्मेसी शिक्षा में अनुसंधान और उद्योग के साथ सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
विद्यार्थियों के लिए आयोजित हुई कई प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए कई शैक्षणिक और नवाचार आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें शामिल थीं—
- आइडिया प्रेजेंटेशन और इनोवेशन प्रतियोगिता
- स्टार्टअप एवं उद्यमिता आधारित विचार प्रस्तुति
- रिसर्च पेपर एवं पेटेंट प्रस्तुति
- वर्किंग मॉडल और कॉन्सेप्ट मॉडल प्रदर्शनी
- पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता
इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने वैज्ञानिक शोध, तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप विचार प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों की जूरी ने इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया महत्वपूर्ण मंच
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एस. चटर्जी ने कहा कि फार्मा अन्वेषण जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अनुसंधान और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और शोध संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग स्थापित होता है, जिससे फार्मेसी शिक्षा को नई दिशा और गति मिलती है।
वहीं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पांडेय ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ है, जहां उन्हें अपने शोध कार्य और वैज्ञानिक विचारों को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
फार्मा क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई ऊर्जा
कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और फार्मेसी महाविद्यालयों के शिक्षक, शोधकर्ता, विद्यार्थी तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
प्रतिभागियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
फार्मा अन्वेषण झारखंड 2026 का यह आयोजन फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ और इसने राज्य में फार्मा क्षेत्र के विकास, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की।








