CM हेमंत सोरेन बने अपने गांव के ‘मांझी बाबा’, नेमरा में संताली परंपरा के साथ मिली बड़ी जिम्मेदारी

Manjhi Baba

रामगढ़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को एक अलग ही अंदाज में नजर आए। अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे मुख्यमंत्री को संताली समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के तहत ‘मांझी बाबा’ (ग्राम प्रधान) का दायित्व सौंपा गया। यह पहली बार है जब राज्य के मुखिया को उनके अपने गांव की सामाजिक सरकार चलाने की जिम्मेदारी मिली है।

परंपरा और स्वागत की भव्य झलक
मुख्यमंत्री के नेमरा आगमन पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम ने करीब 4 घंटे गांव में बिताए। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक भवन में आयोजित ‘मांझी हड़ाम कमेटी’ की विशेष बैठक में हिस्सा लिया, जहां पूरे गांव की मौजूदगी में सर्वसम्मति से उन्हें मांझी बाबा चुना गया।

नई सामाजिक कमेटी का गठन
ग्राम प्रधान कमेटी चयन सभा में मांझी बाबा के अलावा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की गईं:

  • प्राणिक बाबा (उप ग्राम प्रधान): बिरजू सोरेन
  • भोगदो प्रजा (कानूनी सलाहकार): सुखदेव किस्कू
  • नायके बाबा (मुख्य पुजारी): चैतन्य टुडू
  • कुडाम नायके (नायके सहायक): काशीनाथ बेसरा
  • जोगा मांझी (संदेशवाहक): विश्वनाथ बेसरा

नोट: मुख्यमंत्री ने मांझी बाबा की भूमिका निभाते हुए नवनियुक्त नायके बाबा को पारंपरिक सम्मान प्रदान किया। वहीं, स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने वाले पूर्व पुजारी सोहन सोरेन को भी सम्मानित किया गया।

munadi live whattsapp banne.jpg

चाचा का हालचाल और अधिकारियों को निर्देश
गांव प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से मिलने उनके घर पहुंचे, जो लंबे समय से अस्वस्थ हैं। सीएम ने भावुक होकर उनका हालचाल जाना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके इलाज और नियमित देखभाल के लिए कड़े निर्देश दिए।

resizone elanza

Telegram channel

परंपरा और आधुनिकता का संगम
इस आयोजन को संताली समाज की जड़ों से जुड़ाव और सामुदायिक एकजुटता के बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह कदम यह दर्शाता है कि सत्ता के शिखर पर होने के बावजूद अपनी मिट्टी और परंपराओं के प्रति उनका समर्पण अटूट है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *