‘सीकाड़ा’ नाम का नया कोविड वैरिएंट BA.3.2 चर्चा में, 22 देशों में निगरानी तेज
नया वैरिएंट क्यों बना चर्चा का विषय
मुनादी लाइव : कोरोना महामारी से जुड़ी एक नई चिंता सामने आई है। ‘सीकाड़ा’ नाम से चर्चित कोविड का नया वैरिएंट BA.3.2 दुनिया के कई देशों में निगरानी के दायरे में आ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह वैरिएंट अमेरिका के 25 राज्यों समेत करीब 22 देशों में पाया गया है, जिससे स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
‘सीकाड़ा’ नाम क्यों पड़ा?
इस वैरिएंट को ‘सीकाड़ा’ नाम एक खास तरह के कीड़े (Cicada) के नाम पर दिया गया है, जो एक साथ बड़ी संख्या में निकलने के लिए जाना जाता है। इसी तरह इस वैरिएंट के तेजी से फैलने की आशंका के कारण इसे यह नाम दिया गया है।
कितने खतरनाक हैं इसके म्यूटेशन
विशेषज्ञों के मुताबिक BA.3.2 वैरिएंट में 70 से अधिक म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे अधिक संक्रामक बना सकते हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह वैरिएंट गंभीर बीमारी या मृत्यु दर को कितना प्रभावित करता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इस वैरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इस पर लगातार रिसर्च जारी है और इसके फैलाव, लक्षण और प्रभाव पर नजर रखी जा रही है।
क्या भारत के लिए खतरा?
भारत समेत कई देशों में इस वैरिएंट को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि अभी तक बड़े स्तर पर इसका असर देखने को नहीं मिला है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वैश्विक संपर्क को देखते हुए सावधानी जरूरी है।
क्या करें आम लोग?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोगों को पहले की तरह ही सावधानी बरतनी चाहिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहना, हाथों की सफाई और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है। नया कोविड वैरिएंट BA.3.2 यानी ‘सीकाड़ा’ फिलहाल निगरानी में है, लेकिन इसकी तेज म्यूटेशन क्षमता इसे संभावित खतरा बना सकती है।
इसलिए जरूरी है कि घबराने के बजाय सतर्कता और जागरूकता बनाए रखी जाए।






