झारखंड में आतंक पर बड़ा एक्शन! ATS के रडार पर ISIS और अलकायदा से जुड़े 61 संदिग्ध
रांची: झारखंड में आतंकी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। एटीएस ने ISIS (इस्लामिक स्टेट) और अलकायदा से कथित रूप से जुड़े 61 संदिग्धों और आरोपियों की पहचान की है। इनमें 12 लोगों का संबंध ISIS से और 49 लोगों का संबंध अलकायदा से बताया गया है। इन मामलों में आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सभी जिलों को जारी किया गया अलर्ट
जानकारी के अनुसार, एटीएस ने इस संबंध में एडीजी (अभियान), डीआईजी (अभियान) तथा राज्य के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) को पत्र भेजकर सतर्क रहने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय ने 3 अप्रैल 2026 को राज्यों को पत्र भेजकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के उस निर्णय की जानकारी दी थी, जिसमें 26 मार्च 2026 को ISIS और अलकायदा से जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू करने का फैसला लिया गया था।
संपत्ति और बैंक खातों की भी हो सकती है जांच
एटीएस के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के तहत संबंधित व्यक्तियों की संपत्ति जब्त करने, यात्रा पर रोक लगाने और हथियारों से जुड़े प्रतिबंध जैसे प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में चिन्हित संदिग्धों की वित्तीय गतिविधियों, बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच की जा सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि कहीं इनका संबंध किसी आतंकी फंडिंग नेटवर्क या अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों से तो नहीं है।
61 संदिग्धों की सूची तैयार
एटीएस ने झारखंड में कुल 61 संदिग्धों की पहचान की है। इनमें 12 लोग ISIS से जुड़े मामलों में और 49 लोग अलकायदा से जुड़े मामलों में संदिग्ध बताए गए हैं। इसी आधार पर जिला पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और आवश्यक निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ATS ने बढ़ाई निगरानी
सूत्रों का कहना है कि एटीएस तकनीकी निगरानी, खुफिया इनपुट और स्थानीय पुलिस के सहयोग से इन मामलों की लगातार समीक्षा कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी
एटीएस ने स्पष्ट किया है कि संदिग्धों की पहचान विभिन्न उपलब्ध इनपुट और संबंधित मामलों के आधार पर की गई है। प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों, जांच और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। फिलहाल एजेंसियों का फोकस सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को रोकने पर है।





