बीजेपी की बड़ी मांग: मुख्य चुनाव आयुक्त संग बैठक में कहा — बिहार चुनाव दो चरणों में कराए जाएं
पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक, सुरक्षा, मतदाता सुविधा और पारदर्शिता पर चर्चा
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को पटना पहुंचे और होटल ताज में राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ अहम बैठक की। बैठक में चुनावी प्रक्रिया, सुरक्षा प्रबंधन, आचार संहिता पालन और मतदाता सुविधा को लेकर लंबी चर्चा हुई। इस बैठक में बीजेपी, आरजेडी, जेडीयू, कांग्रेस, लोजपा, आम आदमी पार्टी, बीएसपी सहित राज्य के लगभग सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोग ने प्रत्येक दल को तीन प्रतिनिधियों की अनुमति दी थी।
बीजेपी की बड़ी डिमांड — दो चरणों में कराए जाएं चुनाव
बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष ने आयोग के सामने अपनी बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव को केवल दो चरणों में कराया जाना चाहिए। बीजेपी का तर्क था कि ज्यादा चरणों में चुनाव होने से न केवल मतदाताओं को असुविधा होती है, बल्कि उम्मीदवारों का खर्च भी कई गुना बढ़ जाता है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा,
“हम चाहते हैं कि बिहार का चुनाव लंबा न खिंचे। अधिक चरणों में मतदान से जनता थक जाती है और प्रशासनिक बोझ भी बढ़ता है। आयोग से हमारा आग्रह है कि इस बार मतदान दो चरणों में ही सम्पन्न हो।”
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चुनाव की घोषणा के कम से कम 28 दिन बाद मतदान की तारीख तय की जाए, ताकि प्रत्याशियों को प्रचार और जनता तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय मिले।
अति पिछड़ा और दियारा इलाकों में विशेष सुरक्षा की मांग
बीजेपी ने आयोग से यह भी आग्रह किया कि अति पिछड़ा वर्ग वाले और दियारा क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए। इन इलाकों में नदी किनारे और तालाबों के आसपास मतदान केंद्रों पर घुड़सवार बल तैनात करने की बात कही गई, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या दबाव को रोका जा सके।
साथ ही, पार्टी ने मांग की कि मतदाता पर्चियां समय पर हर मतदाता तक पहुंचाई जाएं और पहचान के लिए केवल आधार पर निर्भर न किया जाए। बीजेपी ने आयोग को सुझाव दिया कि वेबकास्टिंग, पोर्टल और एसएमएस अलर्ट सिस्टम के जरिए मतदाताओं को मतदान संबंधी जानकारी दी जाए।
बैठक में उठे अन्य मुद्दे
बैठक में अन्य राजनीतिक दलों ने भी कई सुझाव रखे। कुछ दलों ने EVM सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए। कांग्रेस और आरजेडी ने मांग की कि आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासनिक तबादले पारदर्शी तरीके से हों और सत्ताधारी दल की ओर झुकाव न दिखे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी दलों की बातें सुनीं और कहा कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे भी अपने कार्यकर्ताओं को संयम और मर्यादा में रहने की हिदायत दें।
“चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, इसमें सभी दलों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
— ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त
अगले तीन दिनों में हो सकता है चुनाव तारीखों का ऐलान
बैठक के बाद सूत्रों ने बताया कि चुनाव आयोग की टीम बिहार में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स का अंतिम आकलन कर रही है। आयोग अगले तीन दिनों के भीतर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की औपचारिक घोषणा कर सकता है। राज्य में लगभग 12 करोड़ मतदाता इस बार मतदान करेंगे और कुल 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। अनुमान है कि मतदान अक्टूबर के अंत से नवंबर मध्य के बीच संपन्न होगा।
राजनीतिक हलचल तेज
बीजेपी की यह दो-चरणीय मांग बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर रही है। आरजेडी और कांग्रेस ने इसे चुनावी रणनीति करार दिया है, जबकि जेडीयू ने इसे “तकनीकी दृष्टिकोण से सही सुझाव” बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में अपने संगठनात्मक बल को केंद्रित करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव तारीखें घोषित होंगी, बिहार का राजनीतिक पारा और ऊपर जाने वाला है। आयोग की यह बैठक न केवल आचार संहिता लागू होने की पूर्वभूमिका है, बल्कि आने वाले महीनों की सियासी दिशा भी तय करेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में पटना में हुई सर्वदलीय बैठक में बीजेपी ने बिहार चुनाव दो चरणों में कराने की मांग की। बैठक में सुरक्षा, मतदाता सुविधा और निष्पक्षता पर गहन चर्चा हुई। आयोग ने सभी दलों को निष्पक्ष चुनाव के लिए सहयोग का संदेश दिया।






