बिरसा मुंडा एयरपोर्ट विस्तार में अतिक्रमण बना रोड़ा, 130 मकानों को नोटिस

Birsa Munda Airport

रांची: राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तार कार्य में अतिक्रमण बड़ी बाधा बनकर सामने आया है। विस्तार के लिए चिन्हित जमीन पर बने करीब 130 मकानों और एक मंदिर को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित परिवारों को नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने सभी से जल्द जमीन खाली करने को कहा है, ताकि लंबे समय से लंबित एयरपोर्ट परियोजनाओं को गति मिल सके।

जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए 301 एकड़ जमीन 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद चिन्हित क्षेत्र में आवासीय निर्माण होने से परियोजना प्रभावित हो रही है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि सुरक्षा और तकनीकी सुविधाओं से जुड़े कार्य समय पर पूरे हो सकें।

CAT-II लाइटिंग और पैरेलल टैक्सी ट्रैक को मिलेगी रफ्तार
अधिकारियों के अनुसार, जमीन उपलब्ध होते ही CAT-II लाइटिंग सिस्टम और पैरेलल टैक्सी ट्रैक के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। इन आधुनिक सुविधाओं के शुरू होने से कम दृश्यता में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी और उड़ान संचालन पहले से अधिक सुचारु हो सकेगा।

यात्रियों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
एयरपोर्ट विस्तार योजना के तहत सुरक्षा जांच काउंटरों की संख्या 3 से बढ़ाकर 8 की जाएगी। इसके साथ ही डिपार्चर एरिया दो किए जाएंगे और एयरलाइंस काउंटर 16 से बढ़ाकर 38 करने की तैयारी है। यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए एंट्री और एग्जिट गेट की संख्या भी एक से बढ़ाकर दो करने की योजना बनाई गई है।

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सुरक्षा समिति की बैठक में हुआ था फैसला
बताया जा रहा है कि 31 दिसंबर 2025 को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की अध्यक्षता में हुई एयरपोर्ट सुरक्षा समिति की बैठक में जमीन जल्द उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

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प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट विस्तार से न सिर्फ रांची बल्कि पूरे झारखंड में हवाई संपर्क मजबूत होगा और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित करने का रास्ता भी खुलेगा। हालांकि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर प्रभावित परिवारों की प्रतिक्रिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

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