झारखंड में SIR होगा खास, 12 लाख नाम हटाने की तैयारी

SIR Jharkhand

फर्जी दस्तावेजों पर ECI सख्त, फरवरी से शुरू हो सकता है दूसरा चरण

Ranchi : झारखंड में शुरू होने वाला मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) इस बार बेहद अहम और सख्त होने जा रहा है। अब तक की प्रक्रिया के आधार पर करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की तैयारी कर ली गई है। यदि सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा, तो फरवरी महीने से SIR के दूसरे चरण की शुरुआत हो सकती है।

फर्जी सर्टिफिकेट पर ECI की कड़ी नजर
पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में चल रहे SIR के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वोटर आईडी बनने की शिकायतों के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने झारखंड समेत सभी संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नए और सख्त निर्देश जारी किए हैं।

आयोग ने साफ कहा है कि एक जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मतदाता सूची को हर हाल में पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

नोटिस मिलने पर दस्तावेज देना अनिवार्य
निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, जिन मतदाताओं को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा, उन्हें अपनी पात्रता से जुड़े निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे। इन दस्तावेजों में

  • पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी मैपिंग के प्रमाण,
  • और पहचान व निवास से संबंधित कागजात भी शामिल हो सकते हैं।
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BLO ऐप से अपलोड होंगे दस्तावेज
जारी निर्देश के मुताबिक, मतदाताओं द्वारा दिए गए सभी दस्तावेज बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ऐप के माध्यम से अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी इन दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच करेंगे।

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जारी करने वाले प्राधिकरण से होगा सत्यापन
ECI ने स्पष्ट किया है कि

  • सभी दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित जारी करने वाले प्राधिकरण से कराया जाएगा।
  • यह प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के माध्यम से पूरी की जाएगी।
  • दस्तावेज ईसीआईनेट (ECINet) में अपलोड होने के पांच दिनों के भीतर सत्यापन अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

अन्य जिले या राज्य से जारी दस्तावेजों की अलग प्रक्रिया
यदि कोई दस्तावेज

  • उसी राज्य के किसी अन्य जिले से जारी हुआ है, तो उसे ईसीआईनेट के माध्यम से संबंधित जिले के DEO को भेजा जाएगा। सत्यापन के बाद वह दस्तावेज वापस लौटाया जाएगा।
  • यदि दस्तावेज किसी दूसरे राज्य के प्राधिकरण से जारी हुआ है, तो उसे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के जरिए संबंधित राज्य के CEO को भेजा जाएगा, ताकि तत्काल जांच हो सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिलों को लिखा पत्र
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के रवि कुमार ने SIR को लेकर सभी जिलों को पत्र लिखकर भारत निर्वाचन आयोग के ताजा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मतदान केंद्रों के युक्तिकरण पर संतोष
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य में चल रहे मतदान केंद्रों के युक्तिकरण कार्य पर संतोष जताया है। उन्होंने बताया कि इसके तहत

  • मतदान केंद्रों और उनके क्षेत्रों का जियो-फेसिंग कराया जा रहा है।
  • कई नए मकान या बिना मकान नंबर वाले घरों के लिए नोशनल नंबर जारी किए जाएंगे, ताकि संबंधित BLO को मतदाताओं तक पहुंचने में आसानी हो सके।

मतदाता सूची की शुद्धता पर फोकस
निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन तंत्र का साफ संदेश है कि“एक भी अपात्र मतदाता सूची में न रहे और एक भी योग्य मतदाता छूटे नहीं।” इसी लक्ष्य के साथ झारखंड में SIR को बेहद गंभीरता से लागू किया जा रहा है।

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