डेटा चोरी व फर्जी दस्तावेज़ बनाने के आरोप में जितेंद्र सिंह गिरफ्तार, मुंबई पुलिस ले गई
रांची: राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र निवासी जितेंद्र सिंह को डेटा चोरी और फर्जी सरकारी दस्तावेज़ तैयार करने के गंभीर आरोप में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ पूरी कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी मूल रूप से गढ़वा जिले का निवासी बताया जा रहा है और लंबे समय से कथित रूप से साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सक्रिय था।
पंचायत सचिवालय से डेटा चोरी का आरोप
जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी पंचायत सचिवालय से संवेदनशील डेटा चोरी करने के मामले में संलिप्त रहा है। एजेंसियों का दावा है कि इस डेटा का उपयोग कर फर्जी मोबाइल एप तैयार किया गया, जिसके जरिए जाली आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाए गए।
पुलिस का कहना है कि यह संगठित तरीके से चलाया जा रहा फर्जीवाड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जांच व्यापक स्तर पर की जा रही है।
पहले भी जा चुका है जेल
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी जमीन कागजात तैयार कर जमीन कब्जाने जैसे मामलों में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। वह पूर्व में कई बार जेल जा चुका है।
मुंबई पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल की भी जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।
साइबर अपराध पर सख्ती
इस कार्रवाई को साइबर अपराध और दस्तावेज़ जालसाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ और डेटा चोरी जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






