झारखंड में कड़ाके की ठंड , एसोसिएशन ने शिक्षा सचिव से स्कूल टाइम बदलने की है मांग

School Timing Change

Ranchi : झारखंड में कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने मंगलवार को राज्य के शिक्षा सचिव को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा है। एसोसिएशन ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों की समय-सारिणी में तत्काल संशोधन की मांग की है, ताकि बच्चों को सुबह के अत्यधिक ठंडे और असुरक्षित मौसम में स्कूल जाने से राहत मिल सके।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान खतरनाक स्तर तक गिर चुका है—कांके में 3.2 डिग्री, गुमला और खूंटी में 4.4 डिग्री, सिमडेगा में 6.1 डिग्री, मेदिनीनगर में 6.3 डिग्री और हजारीबाग में 7.1 डिग्री। सड़क पर घना कोहरा और 500 मीटर से भी कम दृश्यता छोटे बच्चों के लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण साबित हो रही है।

राय ने बताया कि अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सुबह 6:30–7:00 बजे बच्चों को स्कूल भेजना अत्यधिक ठंड, तेज हवा और कोहरे के कारण सुरक्षित नहीं है। मौसम विभाग ने भी अगले 24–48 घंटों में तापमान में और गिरावट का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।

एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य किसी भी परिस्थिति में समझौते का विषय नहीं हो सकता। उन्होंने मांग की कि पूरे राज्य में एक समान आदेश जारी कर विद्यालयों का समय कम से कम दो घंटे आगे बढ़ाया जाए, ताकि कक्षाएँ सुबह 9:00 या 9:30 बजे से शुरू हों।

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उन्होंने यह भी आग्रह किया कि अत्यधिक ठंड के दौरान स्कूल प्रार्थना को खुले मैदान में न कराकर कक्षा-भवन के अंदर आयोजित किया जाए। जिन जिलों में तापमान 5 डिग्री से भी नीचे जा चुका है, वहां कक्षाओं को अस्थायी रूप से बंद रखने या ऑनलाइन करने पर भी विचार करने की बात कही गई है।

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एसोसिएशन ने जिला शिक्षा अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश देने की मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और स्कूलों में समय-सारणी के संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।

अजय राय ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस गंभीर मौसमीय परिस्थिति को संज्ञान में लेते हुए तुरंत कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पारिवारिक चिंताओं को कम करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

ज्ञापन को ईमेल के माध्यम से शिक्षा सचिव को भेजा गया है और एसोसिएशन ने जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

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