सेल्फी का जुनून बना मौत का सबब: जोन्हा फॉल में बह गए डीपीएस स्कूल रांची के म्यूजिक टीचर माइकल घोष, खोज अभियान जारी

जोन्हा फॉल हादसा

अनगड़ा/रांची, 20 जून 2025: बारिश के इस भीषण मौसम में जब झारखंड के झरने अपने पूरे वेग पर होते हैं, तब एक छोटी सी चूक किसी की ज़िंदगी का अंत बन सकती है। ऐसा ही एक हृदयविदारक हादसा गुरुवार को जोन्हा फॉल में घटित हुआ, जब डीपीएस रांची के म्यूजिक शिक्षक माइकल घोष (40 वर्ष) सेल्फी लेने के दौरान तेज बहाव में बह गए।

जानकारी के अनुसार, माइकल घोष अपने स्कूल के दो अन्य शिक्षकों पंकज श्रीवास्तव और ऋतिक समद के साथ कार (UP14CM-1020) से जोन्हा फॉल घूमने आए थे। मौसम खराब था और लगातार दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण जलप्रपात बेहद खतरनाक स्थिति में था। बावजूद इसके, तीनों शिक्षक झरने के ऊपरी हिस्से तक चले गए और वहीं पर सेल्फी लेने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झरने के खूबसूरत दृश्यों को कैमरे में कैद करने की कोशिश में माइकल घोष झरने के बिल्कुल किनारे पहुंच गए। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वे सीधे जलप्रपात के तेज बहाव में समा गए। साथी शिक्षक कुछ समझ पाते, इससे पहले ही माइकल की चीखें पानी के शोर में गुम हो गईं।

स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने शुरू किया सघन खोज अभियान

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घटना की जानकारी मिलते ही अनगड़ा थाना प्रभारी हीरालाल शाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय पर्यटन मित्रों एवं ग्रामीणों की मदद से शव की खोजबीन शुरू कराई। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण तेज जलप्रवाह और खराब दृश्यता के चलते तलाश में काफी कठिनाइयाँ आ रही हैं।

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पर्यटन मित्रों ने बताया कि जब तक बारिश बंद नहीं होती और जलप्रपात का बहाव कुछ शांत नहीं होता, तब तक तलाशी अभियान में बड़ी सफलता मिलना कठिन है। जलप्रपात क्षेत्र को भी फिलहाल पर्यटकों के लिए खतरनाक घोषित कर दिया गया है।

शिक्षा जगत में शोक की लहर

डीपीएस रांची के म्यूजिक डिपार्टमेंट से जुड़े माइकल घोष न केवल एक कुशल संगीतकार थे, बल्कि बच्चों के बीच भी बेहद लोकप्रिय शिक्षक माने जाते थे। उनके आकस्मिक निधन की खबर से स्कूल परिवार और छात्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है और उनके परिजनों को हरसंभव सहयोग देने की बात कही गई है।

सेल्फी संस्कृति और सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह घटना एक बार फिर इस प्रश्न को सामने लाती है कि क्या प्राकृतिक सौंदर्य के आगे हमारी सतर्कता खत्म हो जाती है? क्या कुछ पल की तस्वीरें, हमारी पूरी ज़िंदगी से ज़्यादा अहम हो गई हैं?
हर साल देशभर में सैकड़ों लोग ऐसे हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें सेल्फी के दौरान असावधानी प्रमुख कारण होती है।

सावधानी ही सुरक्षा है: प्रशासन की अपील

रांची जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में झरनों, डैमों और नदियों के किनारे जाने से बचें। साथ ही जोन्हा, हुंडरू और दशम जैसे झरनों को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन स्थलों पर पर्यटकों को न जाने की सलाह दी गई है।

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