होर्मुज संकट के बीच भारत को वेनेजुएला से बड़ी राहत, बना तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर
अगले हफ्ते भारत आएंगी वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति
नई दिल्ली: Venezuela अब भारत के लिए ऊर्जा संकट के दौर में बड़ी राहत बनकर उभरा है। अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच भारत को तेल सप्लाई बनाए रखने में वेनेजुएला अहम भूमिका निभा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और CNG की कीमतों में दबाव बढ़ा है। इसी बीच वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है।
अगले हफ्ते भारत आएंगी डेल्सी रोड्रिगेज
Delcy Rodríguez अगले सप्ताह भारत दौरे पर आने वाली हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी इस दौरे की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा और तेल सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण समझौते और बातचीत हो सकती है।
“भारत जितना चाहे उतना तेल खरीद सकता है”
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि वेनेजुएला भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है और भारत जितना चाहे उतना तेल खरीद सकता है।
होर्मुज संकट में बड़ा विकल्प बना वेनेजुएला
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा किए गए तनाव के बाद भारत वैकल्पिक सप्लाई चेन पर तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में वेनेजुएला भारत के लिए एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आया है।
दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व
वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व माना जाता है। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक संकट के कारण लंबे समय तक वेनेजुएला तेल निर्यात में पिछड़ा रहा, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
भारत बना बड़ा बाजार
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और वेनेजुएला के लिए बड़ा बाजार साबित हो रहा है। वेनेजुएला अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को टैक्स छूट और डिस्काउंट देकर अपने तेल निर्यात को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
कितनी तेल खरीद रहा भारत?
केप्लर डेटा के मुताबिक भारत इस महीने वेनेजुएला से रोजाना करीब 4.17 लाख बैरल कच्चा तेल खरीद रहा है। अप्रैल महीने में यह आंकड़ा करीब 2.83 लाख बैरल प्रतिदिन था। बताया जा रहा है कि Reliance Industries समेत कई भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला से भारी मात्रा में सस्ता कच्चा तेल खरीद रही हैं।
भारत के टॉप 10 तेल सप्लायर देश
भारत के प्रमुख तेल आयातक देशों में शामिल हैं:
- रूस
- संयुक्त अरब अमीरात
- वेनेजुएला
- इराक
- सऊदी अरब
- अमेरिका
- नाइजीरिया
- ब्राजील
- कुवैत
- अंगोला
भारत के लिए क्यों अहम है यह डील?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज संकट और गहराता है, तो भारत के लिए वैकल्पिक तेल सप्लाई बेहद जरूरी होगी। ऐसे में वेनेजुएला के साथ मजबूत ऊर्जा साझेदारी भारत को संभावित तेल संकट से बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।




