कोका-कोला के सहयोग से भारत पहुँची ओरिजनल FIFA वर्ल्ड कप ट्रॉफी, 12 साल बाद ऐतिहासिक वापसी
Ranchi : फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और बेहद रोमांचक पल सामने आया है। ओरिजनल फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी भारत पहुँची है, जो करीब 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देश में लौटी है। इस ट्रॉफी टूर के जरिए भारतीय प्रशंसकों को पहली बार इतने करीब से दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित खेल उपलब्धियों में से एक को देखने का अवसर मिला है। फुटबॉल प्रेमियों के बीच इसे लेकर उत्साह चरम पर है और अलग-अलग शहरों में आयोजनों का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं देखा जा रहा।
यह ट्रॉफी टूर फीफा और कोका-कोला के बीच 50 वर्षों से अधिक पुरानी साझेदारी का हिस्सा है, जिसे वैश्विक खेल जगत की सबसे लंबे समय तक चलने वाली साझेदारियों में गिना जाता है। आयोजकों के अनुसार, ट्रॉफी टूर का उद्देश्य केवल ट्रॉफी दिखाना नहीं, बल्कि फुटबॉल संस्कृति को दुनिया भर के देशों में मजबूत करना और युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। भारत में भी इस पहल को फुटबॉल के लिए नई ऊर्जा और जमीनी स्तर पर रुचि बढ़ाने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
बताया गया कि यह ट्रॉफी टूर दुनिया के 30 फीफा सदस्य देशों में जाएगा, जहां 75 से अधिक पड़ावों पर इसे प्रदर्शित किया जाएगा। पूरे वैश्विक दौरे में ट्रॉफी 150 से अधिक दिनों तक विभिन्न देशों और शहरों में घूमेगी। इस दौरान लाखों प्रशंसकों को ट्रॉफी के साथ जुड़ने, तस्वीरें लेने और खेल के इतिहास को करीब से महसूस करने का अवसर मिलेगा। भारत में भी यह टूर एक बड़े आयोजन और उत्सव के रूप में सामने आ रहा है, जिसमें सभी आयु वर्ग के प्रशंसकों की सहभागिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ओरिजनल फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी की भव्यता और इसकी पहचान अपने आप में अद्वितीय है। यह ट्रॉफी 18 कैरेट सॉलिड गोल्ड से बनी है और इसका वजन 6.175 किलोग्राम है। ट्रॉफी का वर्तमान स्वरूप 1974 से अस्तित्व में है, जिसमें दो मानव आकृतियां ग्लोब को थामे हुए दिखाई देती हैं। यह डिजाइन केवल एक खेल ट्रॉफी नहीं, बल्कि मानवता की एकता, संघर्ष, उपलब्धि और विश्व मंच पर विजय का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर संकेत रे (प्रेसिडेंट, कोका-कोला इंडिया एवं साउथवेस्ट एशिया) ने कहा कि फीफा के साथ दशकों पुरानी साझेदारी के जरिए कोका-कोला ऐसे ऐतिहासिक खेल क्षणों को भारतीय दर्शकों तक पहुँचाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस ट्रॉफी टूर का मकसद भारत में फुटबॉल के प्रति जुनून को और मजबूत करना है, ताकि युवा पीढ़ी खेलों से जुड़े और खेल संस्कृति आगे बढ़े।
कोका-कोला ने ट्रॉफी टूर को एक सामाजिक संदेश से भी जोड़ा है। कंपनी के अनुसार, ट्रॉफी टूर के दौरान स्वच्छता और जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में भी अभियान चलाए जा रहे हैं। विशेष रूप से बड़े सार्वजनिक आयोजनों में कचरे के पृथक्करण, सफाई और स्वच्छ वातावरण को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है। आयोजकों का मानना है कि खेल आयोजन केवल मनोरंजन नहीं होते, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
कुल मिलाकर, ओरिजनल फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी का भारत पहुँचना देश के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह टूर आने वाले वर्षों में भारत की फुटबॉल संस्कृति को नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है। खेल प्रेमियों के बीच ट्रॉफी की झलक पाने को लेकर जिस स्तर का उत्साह देखा जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि भारत में फुटबॉल के लिए संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और ट्रॉफी टूर इस उत्सव को और भी ऊंचाई दे रहा है।






