आयुष मौत मामले में SIT जांच तेज, ग्रामीणों ने निकाय चुनाव में वोट बहिष्कार की दी चेतावनी
गिरिडीह: धनवार के मायाराम टोला से लापता हुए बालक आयुष का शव कुएं से मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जिसके बाद गिरिडीह के एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। पुलिस अब हर एंगल से जांच में जुटी है और जल्द खुलासे का दावा कर रही है।
गठित एसआईटी में एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद, प्रशिक्षु डीएसपी कैलाश कुमार, एक इंस्पेक्टर और चार थानेदारों को शामिल किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक दो बार खोजी कुत्ते की मदद ली जा चुकी है, जबकि फॉरेंसिक और टेक्निकल टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा चुकी है। पुलिस आयुष और उसके परिवार से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है।
ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
आयुष की मौत के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासी कृष्णा चौधरी का कहना है कि खेलते-खेलते बच्चे का अचानक गायब हो जाना इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले का जल्द खुलासा नहीं हुआ तो निकाय चुनाव में ग्रामीण वोट बहिष्कार कर सकते हैं।
मृतक के रिश्तेदार कृष्णा दास ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बच्चे के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस नवादा तक खोजबीन करती रही, जबकि शव गांव के कुएं से मिला। उनका आरोप है कि यह साफ तौर पर हत्या का मामला है और परिवार को न्याय चाहिए।
पुलिस का दावा- जल्द होगा खुलासा
एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होता है। खोजी कुत्ते, फॉरेंसिक और तकनीकी टीमों की मदद से जांच की जा रही है और पुलिस की पूरी टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक-दो दिन के भीतर मामले की तस्वीर साफ हो सकती है।
आयुष की संदिग्ध मौत ने इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना दिया है। ग्रामीण अब प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस पर जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।





