एनआईए की बड़ी कार्रवाई: तीन जवानों की शहादत वाले लांजी ब्लास्ट केस में नक्सली पकड़ा गया
रांची: झारखंड में सुरक्षा बलों पर हुए चर्चित ब्लास्ट मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लांजी ब्लास्ट के आरोपी फरार नक्सली सावन उर्फ सबन टूटी को इडुक्की जिले के मुन्नार इलाके (केरल) से गिरफ्तार किया है। वह 2021 से फरार चल रहा था। इस ब्लास्ट में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद और तीन अन्य घायल हुए थे।
केरल से पकड़ा गया फरार नक्सली
एनआईए द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सावन टूटी झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला का रहने वाला है। वह लांजी ब्लास्ट में सीधे तौर पर शामिल था और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। एनआईए की टीम ने तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसे केरल से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एजेंसी अब उससे पूछताछ कर ब्लास्ट में शामिल अन्य नक्सलियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
एनआईए ने संभाली थी जांच की कमान
इस ब्लास्ट की जांच शुरू में स्थानीय पुलिस के पास थी, लेकिन बाद में मामला एनआईए को सौंपा गया। एजेंसी ने चाईबासा जिला के टोकलो थाना में दर्ज कांड को टेकओवर कर आरसी 02/2021 दर्ज किया। इस मामले में एनआईए ने कुल 33 नक्सलियों को नामजद आरोपी बनाया था, जिनमें 1 करोड़ के इनामी नक्सली अनल दा उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है।
33 नक्सली नामजद, 20–25 अज्ञात भी आरोपी
एनआईए ने इस मामले में अनल दा के अलावा महाराजा प्रमाणिक, आपतन मांझी, चंपा, भुवनेश्वर, मेरिना सिरका, निर्मल, विमला लोहरा, रेला माला, सूरज सरदार, सुनिया मुंडा, सुनीता, सरिता, गीता, मनोज मुंडा, जयंती, रोशन बोडरा, सोर्तो, सुखराम रमताई, बुधराम मुंडा, संजू, सूरज, मांगकर मुंडा, सुली कंडिर, हनुक हेंब्रम, केंड्रा, नोबेल, संतोष उरांव, एतवा मुंडू, गुरुदयाल, बेंगाली, दरियाल और सावन टूटी को आरोपी बनाया है। इसके अलावा 20–25 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है।
आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान शहीद
4 मार्च 2021 को लांजी गांव स्थित पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों ने पुलिस टीम को निशाना बनाकर डायरेक्शनल लैंडमाइन से ब्लास्ट किया था। इस हमले में झारखंड जगुआर के तीन जवान शहीद हो गए थे।
शहीद जवानों में—
- कांस्टेबल हरिद्वार साह
- कांस्टेबल किरण सोरेन
- हेड कांस्टेबल देवेंद्र कुमार पंडित शामिल थे।
इस घटना में तीन अन्य जवान घायल हुए थे। नक्सलियों ने ब्लास्ट में नई तकनीक का इस्तेमाल किया था, जिससे सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान हुआ।
नक्सल विरोधी मोर्चे पर बड़ी सफलता
एनआईए की यह कार्रवाई झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। एजेंसी का कहना है कि फरार नक्सलियों की तलाश और तेज की जाएगी और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम जारी है।






