कारोबारी राधेश्याम साहू पर हमला: पुलिस ने पकड़े कई संदिग्ध, शूटरों की तलाश तेज
रांची : रांची में सीमेंट और छड़ व्यवसाय से जुड़े कारोबारी राधेश्याम साहू पर फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में अब तक करीब आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों में दो बिल्डर और एक जमीन कारोबारी भी शामिल हैं।
पुंदाग क्षेत्र के बिल्डरों से पूछताछ
जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए संदिग्धों में पुंदाग क्षेत्र से जुड़े दो बिल्डर और एक जमीन कारोबारी शामिल हैं। पुलिस की कई टीमें मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। फिलहाल पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, लेकिन पूछताछ में कुछ अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
शूटरों की तलाश में आसपास के जिलों में दबिश
पुलिस ने बताया कि एक टीम को आसपास के जिलों में भेजा गया है ताकि हमले में शामिल शूटरों तक पहुंचा जा सके। यह घटना क्षेत्र में व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
एफआईआर में जमीन विवाद को बताया कारण
घटना के बाद पीड़ित कारोबारी राधेश्याम साहू के बेटे सज्जन कुमार ने नगड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर में पुरुषोत्तम कुमार और शशि शेखर सहित कुछ अज्ञात व्यक्तियों को हमले की साजिश में शामिल बताया गया है। सज्जन ने कहा कि उनके पिता का पुरुषोत्तम कुमार के साथ ढाई एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
फोन पर मिली थी जान से मारने की धमकी
एफआईआर में सज्जन कुमार ने यह भी बताया कि दो महीने पहले पटना निवासी शशि शेखर ने उनके पिता को फोन पर धमकी दी थी कि यदि मामला नहीं सुलझा तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि फायरिंग की घटना के समय उनके तीन स्टाफ — संजय सिन्हा, नागेंद्र दुबे और सोमरा उरांव — मौके पर मौजूद थे।
पुलिस जल्द अपराधियों तक पहुंचने का दावा
पुलिस ने कहा कि वह पूरे मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है और जल्द ही अपराधियों तक पहुंचने का दावा कर रही है। इस घटना ने रांची के व्यापारिक वर्ग में भय का माहौल पैदा कर दिया है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।





