पश्चिम बंगाल में 1 अगस्त से शुरू होगी जनगणना 2027, सीएम शुभेंदु का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री बोले- जनगणना का राजनीति, जाति और धर्म से कोई लेना-देना नहीं, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में 1 अगस्त 2026 से ‘जनगणना 2027’ की प्रक्रिया शुरू होगी, जो अगले साल फरवरी के अंतिम दिन आधी रात तक चलेगी। राज्य सचिवालय नबन्ना में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और आवश्यक है तथा इसका राजनीति, जाति या धर्म से कोई संबंध नहीं है।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
2011 के बाद पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2011 के बाद यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी।इस बार आम नागरिकों के लिए ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जरिए लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा 1 अगस्त से 15 अगस्त तक खुलेगी, जबकि इसका उपयोग 14 सितंबर तक किया जा सकेगा।
पिछली सरकार पर लगाए आरोप
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 16 मई 2025 को जनगणना प्रक्रिया शुरू करने को लेकर आवश्यक पत्र-व्यवहार किया था, लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार ने इसका जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार और तत्कालीन मुख्य सचिव ने राजनीतिक मंजूरी के इंतजार में इस संवैधानिक प्रक्रिया को रोककर प्रशासनिक स्तर पर गलत मिसाल कायम की।
सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता का जिक्र
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लगी करीब 600 किलोमीटर लंबी सीमा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है। उन्होंने दावा किया कि कई हिस्सों में फेंसिंग नहीं होने और पूर्व सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन उपलब्ध नहीं कराने के कारण राज्य की जनसांख्यिकीय स्थिति में बदलाव आया है।
अवैध घुसपैठ पर भी नजर
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जो लोग वैध भारतीय नागरिक नहीं हैं, वे जनगणना के दौरान जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अंतिम जनगणना डेटा सामने आने के बाद राज्य और देश के हित में कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट होंगे।
कल्याणकारी योजनाओं के लिए बनेगा डेटा बैंक
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना 2027 के जरिए एक मजबूत डेटा बैंक तैयार होगा, जो केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करेगा। उन्होंने अधिकारियों से निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए।





