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भाजपा के आरोप तथ्यों से परे, निवेश प्रक्रिया की समझ का अभाव: विनोद कुमार पांडेय

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रांची: झारखंड में निवेश को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए आरोपों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने पलटवार किया है। पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा के आरोपों को तथ्यों से परे, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम बताते हुए कहा कि विपक्ष निवेश प्रक्रिया की मूलभूत समझ के बिना जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा स्वयं को विश्व की सबसे बड़ी और सबसे ज्ञानवान राजनीतिक पार्टी बताती है, लेकिन उसके नेताओं को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) और मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के बीच का अंतर भी समझ में नहीं आ रहा है। दोनों निवेश प्रक्रिया के अलग-अलग चरण हैं और इन्हें एक-दूसरे के समान बताना निवेश प्रणाली की समझ के अभाव को दर्शाता है।

दावोस और यूके दौरे के बाद शुरू हुई निवेश प्रक्रिया
विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में फरवरी 2026 में दावोस और यूनाइटेड किंगडम (यूके) दौरे के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने झारखंड में निवेश की इच्छा जताते हुए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) सौंपे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रांची में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इच्छुक कंपनियों के साथ सभी आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी कर निवेश को जल्द धरातल पर उतारा जाए।

राष्ट्रीय हितधारक परामर्श में हुए MoU
जेएमएम महासचिव ने कहा कि इसी प्रक्रिया के तहत 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श-2026 (National Stakeholders’ Consultation 2026) के दौरान संबंधित कंपनियों के साथ औपचारिक MoU पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि यह निवेश प्रक्रिया का स्वाभाविक और अगला चरण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब इन परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), भूमि आवंटन, वैधानिक मंजूरियां, पर्यावरणीय स्वीकृति तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, जिसके बाद निवेश वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित होगा।

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‘री-पैकेजिंग’ का आरोप निराधार
भाजपा द्वारा निवेश समझौतों को “री-पैकेजिंग” बताए जाने पर पांडेय ने कहा कि यदि कोई कंपनी पहले निवेश की इच्छा जताती है और बाद में उसी प्रस्ताव को औपचारिक MoU में बदलती है, तो यह पूरी तरह सामान्य औद्योगिक प्रक्रिया है। इसे दो अलग-अलग निवेश बताना या फर्जी कहना तथ्यों से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

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जिंदल न्यूक्लियर परियोजना पर भी दिया जवाब
जिंदल न्यूक्लियर पावर परियोजना को लेकर भाजपा के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत सरकार की परमाणु ऊर्जा संबंधी नीतियों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण अब केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़ा कर रही है।

सरकार का लक्ष्य उद्योग, एआई और हरित ऊर्जा
विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट विजन झारखंड को औद्योगिक निवेश, पर्यटन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हरित ऊर्जा और आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है। राज्य सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

70 हजार रोजगार सृजन का दावा
जेएमएम महासचिव ने कहा कि प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से 70 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को यही बात परेशान कर रही है। भाजपा नहीं चाहती कि झारखंड के युवाओं को रोजगार, उद्योग और विकास के नए अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य मिलेगा, तब नकारात्मक राजनीति स्वतः समाप्त हो जाएगी.

विपक्ष पर राजनीतिक बयानबाजी का आरोप
पांडेय ने कहा कि विकास और निवेश जैसे गंभीर विषयों पर राजनीति करने के बजाय विपक्ष को रचनात्मक सुझाव देने चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार पारदर्शी प्रक्रिया के तहत निवेश परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में झारखंड उद्योग एवं रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

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