केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी बोलीं- मंईयां योजना छलावा, महिलाओं के प्रति राज्य सरकार गंभीर नहीं…

अन्नपूर्णा देवी

रांचीः केंद्रीय महिला एंव बाल विकास मंत्री सह कोडरमा से सांसद अन्नपूर्णा देवी आज रांची के प्रेस क्लब में थी। इस दौरान उन्होंने केंद्र में एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दीं। इस दौरान उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर झामुमो सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूदा सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील नहीं है। राज्य में महिलाओं व बेटियों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने राज्य महिला आयोग में महत्वपूर्ण पद के चार वर्षों से खाली रहने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे साफ पता चलता है कि महिलाएं अपनी शिकायत लेकर कहां जाएंगी। उनकी शिकायतों को कौन सुनेगा। इससे साफ जाहिर है कि सरकार उनके लिए बिल्कुल गंभीर नहीं है। इस सरकार से बहुत उम्मीद भी नहीं की जा सकती है। ये बात लोगों को पता चल चुका है।

मुझे लगता है कि इस सरकार की अब बहुत लंबी आयु भी नहीं है। इसलिए जो बहनें हैं, उन्हें योजनाओं के माध्यम से लुभाने का काम किया जा रहा है। लेकिन योजना से नहीं बहनों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। चूंकि जबतक हम उन्हें एक सुरक्षित माहौल नहीं दे पाएंगे तब तक वो न अच्छी तरह से पढ़ पाएँगी और ना ही कहीं काम कर सकेंगी। मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं जो इस बात को रेखांकित करती हैं।

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उन्होंने कहा कि आपको याद होगा कि दुमका में दिल दहलाने वाली घटना हुई थी। किसी बेटी-बहन को मारकर पेड़ पर टांग दिया गया तो किसी को कई टुकड़ों में काटकर बोरे में बंद करके फेंक दिया गया। किसी पर एसीड अटैक हुआ। ये घटनाएं बताती हैं कि अपराधियों में पुलिस और कानून का कोई भय नहीं है। राज्य सरकार इन सभी मामलों में मौन है। महिलाएं दिन में भी कहीं जाने में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।

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वहीं, उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि बहनें खुद कह रही हैं कि एक हजार में हमारा घर नहीं चलेगा। वहीं, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तो महिलाओं को सालाना 72 हजार रुपये देने की घोषणा की थी। उसका क्या हुआ। अब जब चुनाव सिर पर है तो वो एक-एक हजार रुपये बांट रहे हैं। वहीं, उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ के मामले पर भी सरकार को घेरा।

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