“अब नहीं चलेगा कब्जा” — रांची नगर निगम का बुलडोजर एक्शन, गिफ्ट डीड जमीन पर सख्त कार्रवाई

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रांची: राजधानी रांची में अब अवैध कब्जाधारियों की खैर नहीं है। रांची नगर निगम ने साफ कर दिया है कि गिफ्ट डीड के तहत मिली जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाते हुए शहर के कई इलाकों में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण और दुकानों को हटाया है। यह कार्रवाई सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि साफ संदेश है —सरकारी जमीन पर कब्जा अब सीधे कार्रवाई को न्योता देगा।

गिफ्ट डीड जमीन क्या है और क्यों सख्ती?
गिफ्ट डीड के तहत दी गई जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए होती है। यह जमीन सड़क, पार्किंग, सार्वजनिक सुविधा या अन्य सामुदायिक उद्देश्यों के लिए निर्धारित रहती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इन जमीनों पर दुकानें खोल दी गईं या गुमटियां खड़ी कर दी गईं । यहाँ तक तो स्थायी निर्माण तक भी कर लिया गया है। अब निगम ने इस पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया है।

ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई इलाकों में चला बुलडोजर
नगर निगम द्वारा चलाए गए अभियान में अलग-अलग तारीखों पर शहर के कई हिस्सों में कार्रवाई की गई। 10 अप्रैल 2026 को कर्बला चौक स्थित खलील रेजिडेंसी के पास गिफ्ट डीड जमीन पर बने 5 दुकानों को हटाया गया। 11 अप्रैल 2026 को लालपुर और सर्कुलर रोड क्षेत्र में भी सख्त कार्रवाई हुई। इंडसइंड बैंक के पास अवैध दुकान, दृष्टि आईएएस के समीप गुमटी, पारिजात भवन के पास अवैध संरचना और हरिओम टावर के सामने दुकान को ध्वस्त किया गया।

इससे पहले 20 मार्च 2026 को अशोक नगर से अरगोड़ा मार्ग पर साईं आर्केड के पास गिफ्ट डीड जमीन पर किए जा रहे टाइल्स और फ्लोरिंग के काम को जेसीबी से हटाया गया था। वहीं अगस्त 2025 में हिनू मेन रोड पर “श्री प्रसाद किचन हाउस” नामक अवैध दुकान को भी हटाया गया था।

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“अब ब्लैकलिस्ट होंगे बिल्डर” — निगम की चेतावनी
नगर आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर किसी भवन स्वामी, बिल्डर या भू-स्वामी की सहमति से गिफ्ट डीड जमीन पर अतिक्रमण पाया गया, तो उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। यानी अब सिर्फ अवैध दुकान हटेगी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों पर भी सीधी कार्रवाई होगी।

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शहर की व्यवस्था सुधारने की कवायद
नगर निगम का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य है शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारना,सार्वजनिक स्थानों को मुक्त करना साथ ही रांची को व्यवस्थित और सुंदर बनाना

“खुद हटाएं कब्जा, नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई”
नगर निगम ने सभी भवन मालिकों, बिल्डर्स और व्यापारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे अपने दस्तावेजों की जांच करें और गिफ्ट डीड जमीन पर यदि कोई कब्जा है, तो उसे तुरंत हटा लें। अन्यथा निगम द्वारा विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी

क्या कहता है कानून?
गिफ्ट डीड जमीन पर कब्जा करना कानूनन अपराध है और इसके लिए दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है । इसके बावजूद लंबे समय तक इस तरह के अतिक्रमण चलते रहे, जिससे अब निगम की सख्ती और भी जरूरी हो गई है।

सवाल भी उठ रहे हैं
हालांकि इस कार्रवाई से जहां व्यवस्था सुधारने की उम्मीद जगी है, वहीं कुछ सवाल भी उठ रहे है क्या पहले इन अतिक्रमणों को नजरअंदाज किया गया? या क्या बिना मिलीभगत के इतने बड़े पैमाने पर कब्जा संभव था? यह भी जांच का विषय है कि इन अवैध निर्माणों को पनपने किसने दिया।

रांची नगर निगम का यह अभियान शहर में एक नई प्रशासनिक सख्ती का संकेत है।अब नियम तोड़ने वालों के लिए कोई राहत नहीं और सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए सीधी कार्रवाई तय यह देखना अहम होगा कि यह अभियान कितनी निरंतरता के साथ चलता है और क्या इससे रांची को वास्तव में एक व्यवस्थित और सुगम शहर बनाया जा सकेगा।

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