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‘चाहे जितना फोर्स बुला लें, हम नहीं खाली करेंगे आवास’, राबड़ी देवी का CM सम्राट चौधरी को खुला चैलेंज

Rabri Devi Challenge

सरकारी आवास को लेकर गरमाई बिहार की सियासत, राबड़ी देवी के बयान से बढ़ा राजनीतिक तापमान

Tulsyan

पटना: बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “चाहे जितना फोर्स बुला लें, हम सरकारी आवास खाली नहीं करेंगे।” राबड़ी देवी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस आवास में वह रह रही हैं, वह सिर्फ एक सरकारी भवन नहीं बल्कि उनके परिवार और राजनीतिक संघर्षों का गवाह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक बदले की भावना से उन्हें आवास खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर बल प्रयोग करना चाहती है तो कर ले, लेकिन वे किसी दबाव में आने वाली नहीं हैं। राबड़ी देवी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और यह ठीक नहीं है।

राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप
राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी। उनका कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि दबाव बनाकर विपक्ष को कमजोर किया जा सकता है, तो यह उसकी बड़ी भूल है।

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बिहार में सियासी बयानबाजी तेज
राबड़ी देवी के बयान के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। राजद नेताओं ने उनके समर्थन में मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन कर रही है। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इस मामले पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बयान को लेकर चर्चा तेज है।

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सरकारी आवास विवाद बना बड़ा मुद्दा
बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के सरकारी आवास को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। लेकिन राबड़ी देवी का इस तरह खुलकर चुनौती देना इस विवाद को नया राजनीतिक रंग दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। खासकर तब, जब राज्य में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। राबड़ी देवी के इस बयान ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। अब सबकी नजर राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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