Garhwa News: गढ़वा में मासिक अपराध गोष्ठी: JSSC परीक्षा की सुरक्षा से लेकर अपराध नियंत्रण तक
एसपी आशुतोष शेखर ने जारी किए सख्त निर्देश
गढ़वा: जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर गढ़वा पुलिस पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय के सभागार में जिले की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों ने भाग लिया और अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में संपन्न हुए मुहर्रम पर्व को जिलेभर में शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
19 जुलाई को होने वाली JSSC परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े निर्देश
बैठक के दौरान एसपी आशुतोष शेखर ने 19 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर
अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संपत्तिमूलक अपराधों से जुड़े पुराने लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने के निर्देश दिए। साथ ही न्यायिक हिरासत से हाल ही में रिहा हुए अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा मिसिंग पर्सन से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मालखाना प्रदर्श एवं NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) से संबंधित जब्त वस्तुओं के समयबद्ध निष्पादन पर भी विशेष बल दिया।
पशु तस्करी पर पूर्ण रोक लगाने का निर्देश
सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय पशु तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एसपी ने सीमावर्ती थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और संयुक्त कार्रवाई चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
समाज में जागरूकता अभियान चलाने का आदेश
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान, बाल विवाह रोकथाम, डायन-बिसाही जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता, सड़क सुरक्षा तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और संस्थानों में नियमित जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।
वाहन जांच अभियान और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में नियमित रूप से दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की सघन जांच अभियान चलाने तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।
SC/ST, POCSO और साइबर अपराध मामलों की समीक्षा
एसपी ने SC/ST अत्याचार अधिनियम के मामलों में पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित विभाग को शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। साथ ही SC/ST Act और POCSO Act से जुड़े मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने NAFIS प्रणाली में कैदियों के फिंगरप्रिंट की अनिवार्य प्रविष्टि, DGSP एवं IGSP कॉन्फ्रेंस पोर्टल पर सूचनाओं का अद्यतन, तथा सभी अनुसंधानकर्ताओं द्वारा ई-साक्ष्य पोर्टल पर मामलों की अनिवार्य प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नक्सल, साइबर अपराध और वारंट निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में नक्सल मामलों, साइबर अपराध, चोरी, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, NDPS, आईटी एक्ट, CCA, ड्रंक ड्राइविंग, पासपोर्ट एवं चरित्र सत्यापन, वारंट एवं कुर्की निष्पादन तथा पीजी पोर्टल से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। एसपी ने सभी मामलों में तेजी लाते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कानून-व्यवस्था को जनोन्मुख बनाने पर जोर
बैठक के समापन पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे जारी निर्देशों का गंभीरता से अनुपालन करें और कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनोन्मुख बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, त्वरित अनुसंधान और जनता के साथ बेहतर संवाद पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।






