झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: अब 15 लाख रुपये तक के इलाज का खर्च उठाएगी सरकार
गंभीर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
रांची: झारखंड सरकार ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। अब राज्य में पात्र लाभार्थियों को 15 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत पहले की तरह 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त रहेगा, जबकि इसके बाद यदि इलाज का खर्च 15 लाख रुपये तक पहुंचता है तो अतिरिक्त राशि का वहन राज्य सरकार करेगी। सरकार के इस फैसले से कैंसर, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज पर आने वाले भारी खर्च से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
5 लाख के बाद राज्य सरकार देगी अतिरिक्त सहायता
नई व्यवस्था के अनुसार, पहले 5 लाख रुपये तक का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत होगा। यदि किसी मरीज के इलाज पर इससे अधिक खर्च आता है, तो 5 लाख से 15 लाख रुपये तक की अतिरिक्त राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इससे गंभीर बीमारियों के मरीजों को इलाज के दौरान आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
28 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ
राज्य में सामाजिक-आर्थिक एवं जातीय जनगणना (SECC-2011) के आधार पर 28,05,753 ग्रामीण और शहरी परिवार इस योजना के दायरे में आते हैं। यह केंद्र और राज्य सरकार की साझा स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसमें प्रीमियम का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करती है।
110 करोड़ रुपये की स्वीकृति
योजना के संचालन के लिए सरकार ने 110 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें—
- 68.20 करोड़ रुपये सामान्य शहरी स्वास्थ्य सेवाओं (एलोपैथी) के लिए,
- 28.60 करोड़ रुपये जनजातीय क्षेत्र उपयोजना (TSP) के लिए,
- 13.20 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना (SCSP) के लिए निर्धारित किए गए हैं।
झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी करेगी संचालन
इस योजना का संचालन झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी, रांची के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने वर्तमान बीमा कंपनी की सेवाओं की अवधि भी 10 फरवरी 2027 तक बढ़ा दी है। राज्य सरकार पूरी स्वीकृत राशि एकमुश्त सोसाइटी के नामकुम स्थित खाते में उपलब्ध कराएगी, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
गंभीर बीमारियों के मरीजों को होगी सबसे ज्यादा राहत
सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य बीमा की सीमा बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने से कैंसर, हार्ट डिजीज, किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य महंगे इलाज कराने वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ काफी कम होगा। इससे गरीब परिवार समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।





